बाराबंकी के देवा थाना क्षेत्र में देशी शराब ठेके पर 5 हजार रुपये की कथित रंगदारी मांगते एक कथित फर्जी पत्रकार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पुलिस ने साइबर सेल के माध्यम से जांच शुरू कर दी है। पत्रकारों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पत्रकारिता की आड़ में कथित तौर पर अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खुद को पत्रकार बताने वाला एक व्यक्ति देशी शराब ठेके के सेल्समैन से पैसे मांगता और मासिक वसूली की बात करता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो देवा थाना क्षेत्र स्थित एक देशी शराब ठेके का है। वीडियो के वायरल होने के बाद जिले के पत्रकारों और आम लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने ऐसे कथित फर्जी पत्रकारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जो पत्रकारिता की छवि धूमिल कर रहे हैं।
वीडियो में शराब ठेके के सेल्समैन से पैसों को लेकर हो रही बातचीत
वायरल वीडियो में खुद को पत्रकार बताने वाला व्यक्ति शराब ठेके के सेल्समैन से पैसों की मांग करता दिखाई देता है। बातचीत के दौरान सेल्समैन कहता है कि “उस दिन तो 5 हजार रुपये ले गए थे।”
इस पर कथित पत्रकार जवाब देता है कि “नहीं, एक हजार रुपये ही लिए थे।”
इसके बाद सेल्समैन कहता है कि “अगर महीने का एक हजार रुपये लोगे तो अभी तो महीना भी पूरा नहीं हुआ, फिर क्यों आ गए?”
इस पर कथित पत्रकार कहता है कि “हम लोगों का महीना पहली-दूसरी तारीख को खत्म हो जाता है।”
बातचीत आगे बढ़ने पर सेल्समैन कहता है कि “अगले महीने आना, अभी तो समय नहीं हुआ।”
इस पर कथित पत्रकार जवाब देता है कि “जुलाई वाला अभी कहां लिया है, अब लोग अगस्त में आएंगे।”
वीडियो में सेल्समैन यह भी कहता सुनाई देता है कि “5 हजार रुपये मांग रहे थे आप, हम लोग इतना नहीं कमाते।” इस पर कथित पत्रकार कहता है कि “तुमसे 5 हजार मांगे तो क्या तुमने दे दिए थे?”
इसके जवाब में सेल्समैन कहता है कि “एक हजार रुपये तो ले गए थे।” वहीं कथित पत्रकार कहता है कि “हम लोग रोज नहीं आते, बाराबंकी में रहते हैं, दूर से आते हैं।”
वायरल वीडियो के आधार पर कथित पत्रकार की पहचान का दावा
वायरल वीडियो के आधार पर सोशल मीडिया पर कथित पत्रकार की पहचान बंकी कस्बा निवासी देवेंद्र पांडे के रूप में किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से पहचान की पुष्टि नहीं की है।
मामला सामने आने के बाद जिले के पत्रकारों ने भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कुछ ब्लैकमेलर प्रवृत्ति के लोग पत्रकारिता का नाम लेकर अवैध वसूली करते हैं, जिससे पूरे मीडिया जगत की छवि खराब होती है।
पुलिस ने साइबर सेल और संबंधित थाने को सौंपी जांच
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वायरल वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और पूरे घटनाक्रम की जांच साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर यदि वीडियो सही पाया जाता है और आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पत्रकारों और लोगों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद जिले के पत्रकारों और आम नागरिकों ने मांग की है कि पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग और रंगदारी वसूलने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
लोगों का कहना है कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, लेकिन कुछ कथित फर्जी पत्रकार व्यक्तिगत लाभ के लिए इस सम्मानित पेशे का दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होने से वास्तविक पत्रकारों की साख भी सुरक्षित रहेगी।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वायरल वीडियो की सत्यता और कथित पत्रकार की भूमिका स्पष्ट होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / अली चांद











