Barabanki News: स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप डॉक्टरों और निजी अस्पतालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 क्लीनिकों पर छापेमारी की।
बायो मेडिकल वेस्ट नियमों के उल्लंघन, डॉक्टरों की अनुपस्थिति और दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर संचालकों को 3 दिन का नोटिस जारी किया गया।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को बड़ा अभियान चलाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम के निर्देश पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधेश्याम गौड़ के नेतृत्व में गठित टीम ने कई निजी क्लीनिकों और अस्पतालों पर औचक छापेमारी की। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और कई निजी अस्पताल संचालकों में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।
छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब आधा दर्जन निजी चिकित्सालयों और क्लीनिकों की जांच की, जहां कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। टीम ने संबंधित संचालकों को तीन दिन के भीतर कमियां दूर करने का नोटिस जारी किया है।
छह निजी क्लीनिकों और अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम पंचायत नैनामऊ स्थित ए.के. फार्मा क्लिनिक, ग्राम पंचायत भयारा स्थित जसवंत पाली क्लिनिक, तथा ग्राम पंचायत सदरुद्दीनपुर स्थित शहाबुद्दीन क्लिनिक, राम गणेश शर्मा क्लिनिक, बी.पी. फार्मा क्लिनिक और श्री साईं वेद प्रकाश हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सभी संस्थानों के संचालन, चिकित्सकीय सुविधाओं, अभिलेखों तथा बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की विस्तृत जांच की गई।
बायो मेडिकल वेस्ट नियमों के उल्लंघन सहित कई खामियां मिलीं
अस्पतालों में नहीं मिला पर्याप्त स्टाफ और डॉक्टर
जांच के दौरान कई क्लीनिकों और अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट (BMW) नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। निरीक्षण टीम ने पाया कि कई स्थानों पर चिकित्सकीय कचरे के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था नहीं थी, जो मरीजों और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
इसके अलावा कई अस्पतालों में निरीक्षण के समय पर्याप्त चिकित्सक एवं प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद नहीं मिला। कई महत्वपूर्ण अभिलेख और लाइसेंस संबंधी दस्तावेज भी अधूरे पाए गए, जिससे स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना।
संचालकों को तीन दिन का नोटिस, कार्रवाई की चेतावनी
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. राधेश्याम गौड़ ने बताया कि सभी संबंधित अस्पताल एवं क्लीनिक संचालकों को तत्काल कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएचसी बड़ागांव में प्रस्तुत करने होंगे सभी दस्तावेज
उन्होंने कहा कि सभी संचालकों को तीन दिन के भीतर अपने सभी आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बड़ागांव में प्रस्तुत करने होंगे।
यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कमियां दूर नहीं की गईं और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ कड़ी कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग का अभियान आगे भी रहेगा जारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में अवैध रूप से संचालित अस्पतालों, फर्जी चिकित्सकों और बिना मानकों के चल रहे क्लीनिकों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। विभाग का उद्देश्य मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
रिपोर्ट – नूर मोहम्मद











