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बाराबंकी में खनन माफियाओं पर किसकी मेहरबानी? नो-एंट्री में फर्राटा भर रहे मिट्टी लदे डंपर से हुआ भीषण हादसा, बाल-बाल बचे राहगीर; पुलिस-प्रशासन पर उठे सवाल

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बाराबंकी में नो-एंट्री के बावजूद शहर में दौड़ रहे मिट्टी से लदे डंपर ने रामसेवक स्कूल के सामने पेड़ में टक्कर मार दी।

बड़ा हादसा टला, अवैध खनन और पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 06 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का दावा करते हैं, लेकिन राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले की तस्वीर कुछ और ही बयां कर रही है। जिले में अवैध खनन का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है और आरोप है कि पुलिस व प्रशासन की कथित नरमी के चलते खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। हालात यह हैं कि शहर में नो-एंट्री लागू होने के बावजूद दिनदहाड़े मिट्टी से लदे भारी डंपर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।

सोमवार को शहर के बीचों-बीच हुए एक हादसे ने एक बार फिर पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली और अवैध खनन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

शहर के बीच मिट्टी से भरा डंपर हुआ अनियंत्रित, बड़ा हादसा टला

ताजा मामला बाराबंकी शहर के लखपेड़ाबाग स्थित रामसेवक स्कूल के सामने का है। सोमवार को मिट्टी से लदा एक डंपर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े नीम के विशाल पेड़ से जा टकराया।

टक्कर इतनी भीषण थी कि पेड़ जड़ से उखड़कर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन पर जा गिरा। इससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

पेड़ के नीचे दबे वाहन, ट्रांसफार्मर में लगी आग

हादसे के दौरान पेड़ के नीचे खड़ी दो मोटरसाइकिलें और एक चारपहिया वाहन उसकी चपेट में आ गए। वहीं विद्युत ट्रांसफार्मर में आग लगने की भी सूचना मिली।

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सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल विद्युत आपूर्ति बंद कर स्थिति को नियंत्रित किया। राहत की बात रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई लोग बाल-बाल बच गए।

मौके पर पहुंची कई विभागों की टीम

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, बिजली विभाग और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। क्षतिग्रस्त पेड़ को हटाकर यातायात बहाल कराया गया तथा बिजली आपूर्ति सामान्य करने का कार्य शुरू किया गया।

नो-एंट्री में कैसे दौड़ रहे मिट्टी से लदे डंपर?

हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सवाल उठाया कि बाराबंकी शहर में सुबह 10 बजे के बाद भारी वाहनों के प्रवेश पर नो-एंट्री लागू है, फिर भी मिट्टी से लदे भारी डंपर दिनदहाड़े शहर के व्यस्त मार्गों पर कैसे दौड़ रहे हैं?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि नो-एंट्री नियमों का पालन कराया जाता तो यह हादसा शायद टल सकता था।

अवैध खनन पर प्रशासन की कार्रवाई सवालों के घेरे में

जिले में लंबे समय से अवैध मिट्टी खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहर तक मिट्टी से लदे ओवरलोड डंपर लगातार संचालित हो रहे हैं। इन डंपरों से अक्सर होने वाले हादसों के बावजूद कार्रवाई सीमित दिखाई देती है।

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स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बाद भी खनन माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। यही वजह है कि अवैध खनन का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है।

बिना तिरपाल दौड़ते डंपर बन रहे खतरा

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि अधिकांश डंपरों में मिट्टी को नियमानुसार तिरपाल से ढका भी नहीं जाता। चलते समय मिट्टी सड़क पर गिरती रहती है, जिससे धूल प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

हर्रई खनन प्रकरण में भी उठे सवाल, कार्रवाई को लेकर तहसीलदार पर लगे नरमी के आरोप

जिले में अवैध खनन को लेकर सवाल केवल शहर तक सीमित नहीं हैं। हाल ही में तहसील नवाबगंज के हर्रई गांव में परमिट की आड़ में बड़े पैमाने पर कथित अवैध खनन का मामला भी चर्चा में रहा। इस मामले में जनपद के एक वरिष्ठ पत्रकार द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर हुई कार्रवाई को लेकर सवाल उठे। आरोप है कि शिकायत मिलने के बाद भी संबंधित तहसीलदार प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय खनन माफिया को राहत दिलाने में जुटे रहे।

शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रकरण उच्चाधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद कथित खनन माफियाओं के विरुद्ध अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई गई। इस संबंध में जब शिकायतकर्ता पत्रकार ने सदर तहसीलदार भूपेंद्र विक्रम सिंह से कार्रवाई में हुई ढिलाई को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, “आपकी व्यक्तिगत दुश्मनी के चलते हम किसी को फांसी नहीं चढ़ा देंगे।” तहसीलदार के इस बयान के बाद प्रशासन की कार्यशैली और अवैध खनन के मामलों में अपनाए जा रहे रवैये को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

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लोगों की मांग- खनन माफियाओं और नियम तोड़ने वालों पर हो सख्त कार्रवाई

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में नो-एंट्री नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। साथ ही अवैध मिट्टी खनन, ओवरलोड डंपरों और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान अली 

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