बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र के गेंदौरा गांव में 30 साल पुराने जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ।
16 लोगों पर मुकदमा दर्ज, कई घायल, एक की हालत लखनऊ ट्रामा सेंटर में नाजुक।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 19 अप्रैल 2026
बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र के ग्राम गेंदौरा में शनिवार को जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। कब्जेदारी को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें एक पक्ष से 10 और दूसरे पक्ष से 4 लोग घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
गंभीर रूप से घायल युवक की हालत नाजुक
मारपीट में घायल सचिन की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
पुलिस ने 16 नामजद समेत कई अज्ञात पर दर्ज किया मुकदमा
मसौली पुलिस ने पीड़ित पक्ष के रमाकांत वर्मा की तहरीर पर शोभेलाल समेत 16 नामजद और दो दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों में शोभेलाल, चेतराम, अखिलेश, मुकेश, गजराज, रामसनेही, बब्लू, अनुज, अजय, अनुराग, प्रवेश, मुस्सू, संजय, शंकर, बिहारी लाल समेत अन्य शामिल हैं।

30 साल पुराना है विवाद, कोर्ट के फैसलों के बाद बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि यह विवाद करीब 30 साल पुराना है। वर्ष 1996 में जमीन की बिक्री के बाद शुरू हुआ विवाद कोर्ट तक पहुंचा। 1999 में बैनामा खारिज होने के बाद भी मामला चलता रहा। हाल ही में 2024 में कोर्ट का फैसला धनपति के पुत्र कैलाश के पक्ष में आया, जिसके बाद 10 अप्रैल को प्रशासन ने उन्हें जमीन का कब्जा दिलाया।
इसके बाद 15 अप्रैल को उक्त जमीन का बैनामा रमाकांत और ओमकार के नाम किया गया, जिससे विवाद और गहरा गया। कब्जेदारी को लेकर पहले भी तहसील रामनगर में दोनों पक्षों के बीच विवाद हो चुका था, जो आखिरकार शनिवार को हिंसा में बदल गया।

तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल
प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि मामले में कार्रवाई करते हुए शोभेलाल, अखिलेश और आशीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
गांव में तनाव, पुलिस बल तैनात
घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस द्वारा निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की दोबारा हिंसा न हो।
रिपोर्ट – नूर मोहम्मद












