बाराबंकी के उजिद्दीपुर गांव समेत जिले भर में अवैध खनन से ओवरलोड डंपरों का आतंक।
सड़कों को नुकसान और राहगीरों की जान जोखिम में।
किसान यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी दी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 17 अप्रैल 2026
बाराबंकी जनपद के विकास खण्ड बंकी अंतर्गत ग्राम पंचायत गदिया के मजरे उजिद्दीपुर में अवैध खनन का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। खनन कार्य में लगे ओवरलोड डंपरों की आवाजाही से न केवल गांव की सड़कों को भारी नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि आम नागरिकों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
डंपरों से टूट रही सड़के, गांव में बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार, खनन के लिए पोकलैंड मशीनों से मिट्टी निकालकर डंपरों में ओवरलोड भरकर छोटी आरसीसी सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। इससे गांव की सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं।
सड़क पर उड़ती धूल और तेज रफ्तार डंपरों के कारण राहगीरों को चलना मुश्किल हो गया है। खासतौर पर दोपहिया वाहन चालकों और साइकिल से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिना तिरपाल और बिना पानी छिड़काव, बढ़ रहा खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि डंपरों पर न तो तिरपाल ढका जाता है और न ही सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाता है। इससे धूल का गुबार पूरे क्षेत्र में फैलता है, जो स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।
किसान यूनियन ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस पूरे मामले को लेकर आजाद भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने जिलाधिकारी बाराबंकी को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में उन्होंने मांग की है कि:
- 2 दिनों के भीतर अवैध रूप से चल रहे डंपरों पर रोक लगाई जाए
- ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई की जाए
अन्यथा संगठन ने धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि यदि आंदोलन के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

डंपर बन रहे ‘मौत का पहिया’—चौंकाने वाले आंकड़े
डंपरों की लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन वर्षों में जिले में 87 लोगों की जान डंपर हादसों में जा चुकी है।
आंकड़े:
- 2021: 32 मौतें
- 2022: 34 मौतें
- 2023: 20 मौतें
सबसे ज्यादा 38 मौतें रामसनेहीघाट क्षेत्र में हुईं, जो कुल आंकड़ों का करीब 44% है।
इसके अलावा:
- कोतवाली नगर: 11 मौतें
- लोनीकटरा: 9 मौतें
यह आंकड़े सोशल एक्टिविस्ट अजय वर्मा द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं।

प्रशासन पर उठ रहे सवाल
इतने गंभीर आंकड़ों के बावजूद डंपरों के संचालन को लेकर कोई ठोस नीति या सख्त कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
निष्कर्ष:
उजिद्दीपुर से लेकर जनपद भर में अवैध खनन और बेलगाम डंपरों का मुद्दा अब केवल सड़क खराब होने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों की जान से जुड़ा गंभीर संकट बन चुका है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद














