बाराबंकी के असंद्रा थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल युवक के मामले में 10 दिन तक नहीं दर्ज हुई FIR।
पीड़ित मां ने SP अर्पित विजयवर्गीय से लगाई गुहार, जिसके बाद आरोपी पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सड़क दुर्घटना के एक मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक के परिजनों द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बावजूद असंद्रा थाना पुलिस ने करीब 10 दिनों तक मुकदमा दर्ज नहीं किया। आखिरकार पीड़ित पक्ष को न्याय की गुहार लेकर पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचना पड़ा। एसपी के हस्तक्षेप के बाद आरोपी पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब सड़क दुर्घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ और उसका इलाज कई अस्पतालों में चला, तब भी पुलिस कार्रवाई करने में इतनी देर क्यों करती रही।
टेंट का काम करने जा रहे युवक को पिकअप ने मारी टक्कर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, असंद्रा थाना क्षेत्र के ग्राम असंद्रा निवासी शिव पूजन यादव पुत्र रामकृष्ण यादव को 8 मई 2026 को गांव के ही अंशु यादव अपने टेंट के कार्य के लिए मोटरसाइकिल संख्या UP 41 AB 8608 से लेकर जा रहे थे।
पीड़ित की मां रंजना यादव के अनुसार, दोनों युवक असंद्रा-जरौली मार्ग पर मिर्चिया गांव के पास पहुंचे ही थे कि सामने से आ रही तेज रफ्तार और अनियंत्रित पिकअप संख्या UP 41 T 5220 ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि शिव पूजन सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल को अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी।

कई अस्पतालों में चला इलाज, 22 मई तक अस्पताल में रहा भर्ती
परिजनों के अनुसार दुर्घटना के बाद शिव पूजन को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिद्धौर ले जाया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर भिटरिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो उसे जगदीशपुर के अस्पताल ले जाया गया।
डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए युवक को लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान रेफर कर दिया। बाद में वहां से भी उसे ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां उसका लंबे समय तक उपचार चला।
परिजनों के अनुसार शिव पूजन 22 मई 2026 तक अस्पताल में भर्ती रहा। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी उसका इलाज जारी है और वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो सका है।

अस्पताल से लौटते ही मां ने दी तहरीर, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
रंजना यादव का आरोप है कि पुत्र के अस्पताल से लौटने के बाद उन्होंने 22 मई 2026 को असंद्रा थाने पहुंचकर थाना प्रभारी आलोक मणि त्रिपाठी को लिखित प्रार्थना पत्र दिया और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार पिकअप चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की और लगातार उन्हें टालती रही। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे कई बार थाने पहुंचे, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
SP अर्पित विजयवर्गीय के जनता दर्शन में पहुंची पीड़ित मां
स्थानीय पुलिस से निराश होकर रंजना यादव 1 जून 2026 को बाराबंकी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और जनता दर्शन कार्यक्रम में एसपी अर्पित विजयवर्गीय से मुलाकात की।
पीड़िता ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत सुनने के बाद एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थाना पुलिस को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके बाद 1 जून 2026 को दोपहर लगभग 3:57 बजे असंद्रा थाने में आरोपी पिकअप चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 281, 125(a) एवं 125(b) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच उपनिरीक्षक औमित कौशल को सौंपी गई है।
FIR में देरी को लेकर उठ रहे सवाल
घटना के बाद से क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि पीड़ित परिवार एसपी कार्यालय नहीं पहुंचता तो शायद मुकदमा दर्ज ही नहीं होता।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चाएं हैं कि दुर्घटना में शामिल पिकअप वाहन कथित रूप से क्षेत्र के एक लकड़ी ठेकेदार से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। लोग दबी जुबान लकड़ी ठेकेदार से असंद्रा पुलिस के मधुर संबंधों की भी चर्चा कर रहे हैं। हालांकि इन चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मुकदमा दर्ज करने में आखिर इतनी देरी क्यों हुई।
पहले भी विवादों में रही असंद्रा पुलिस की कार्यशैली
स्थानीय लोगों के अनुसार असंद्रा थाना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं।
क्षेत्र में चर्चा में रहे कुछ प्रमुख मामलों में—
- नवंबर 2025 में दो सगी बहनों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस पर लापरवाही और आरोपियों से साठगांठ के आरोप लगे थे
- एक अन्य मामले में विवाहिता द्वारा ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर जहर खाने की घटना में भी पुलिस पर आरोपियों को बचाने के आरोप लगे
- मंझौती बेलपुर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस पर 14 हज़ार रुपए छीनने और धमकी देने का आरोप लगाया था।
- हाल ही में बांसूपुर गांव के एक युवक ने भी पुलिस पर 16 हजार रुपए की अवैध वसूली और गलत मुकदमा दर्ज करने के आरोप लगाए थे।
इसके अलावा अवैध लकड़ी कटान और खनन माफियाओं से साठगांठ के आरोप भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं।
निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग
सड़क दुर्घटना में घायल युवक के मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब लोगों की नजर पुलिस जांच पर टिकी है। क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि शिकायत के बावजूद कार्रवाई में अनावश्यक देरी हुई है तो उसकी भी समीक्षा की जानी चाहिए।
पीड़ित परिवार ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की अपेक्षा जताई है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद

















