Barabanki News: नगर कोतवाली क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से लोगों में दहशत है।
राहत हॉस्पिटल के पास से चोरी हुए ई-रिक्शा के आरोपी CCTV में कैद होने के बावजूद पुलिस गिरफ्त से दूर हैं।
बाइक चोरी, स्कूल और दुकानों में सेंधमारी सहित कई चर्चित मामलों के अनसुलझे रहने पर हाईटेक पुलिसिंग पर सवाल उठ रहे हैं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 19 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने आम लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में आए दिन वाहन चोरी, दुकानों में सेंधमारी और लाखों रुपये के सामान पर हाथ साफ करने जैसी वारदातें हो रही हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में पुलिस न तो आरोपियों तक पहुंच पा रही है और न ही चोरी गया सामान बरामद कर पा रही है। हालात यह हैं कि कई मामलों में चोर सीसीटीवी कैमरों में साफ-साफ कैद होने के बावजूद पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ताजा मामला शहर के नबीगंज स्थित राहत हॉस्पिटल के पास से चोरी हुए एक ई-रिक्शा का है। पुलिस ने अपनी पीठ थपथपाते हुए चोरी गया ई-रिक्शा तो बरामद कर लिया, लेकिन उसमें लगी करीब 70 हजार रुपये कीमत की चार बैटरियां गायब थीं। हैरानी की बात यह है कि चोरी करने वाले आरोपी की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में स्पष्ट रूप से कैद होने के बावजूद पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
राहत हॉस्पिटल के पास से चोरी हुआ ई-रिक्शा, बैटरियां निकालकर छोड़ गए बदमाश
जानकारी के अनुसार, 14 जुलाई की रात शहर के नबीगंज स्थित राहत हॉस्पिटल के पास घर के बाहर खड़ा ई-रिक्शा अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। घटना के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो चोरी करने वाले युवक की तस्वीर स्पष्ट रूप से सामने आ गई।
पुलिस ने बाद में हाईवे किनारे दारापुर के पास से ई-रिक्शा बरामद कर लिया, लेकिन उसमें लगी चारों बैटरियां गायब थीं। पीड़ित चालक अब्दुल सलाम के अनुसार चारों बैटरियों की कीमत करीब 70 हजार रुपये है। उनका कहना है कि वाहन मिलने से कोई राहत नहीं मिली, क्योंकि उसकी सबसे महंगी चीजें ही चोरी हो चुकी हैं।

पत्रकार प्रेस महासंघ ने कोतवाल को सौंपी फुटेज, फिर भी नहीं हुई गिरफ्तारी
घटना के बाद पत्रकार प्रेस महासंघ के जिला संगठन मंत्री ने आरोपी की सीसीटीवी फुटेज नगर कोतवाल सुधीर सिंह को सौंपते हुए जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इसके बावजूद कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब आरोपी की पहचान कैमरे में साफ दिखाई दे रही है, तब भी गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

24 घंटे के भीतर बाइक और ई-रिक्शा चोरी, शहर में सक्रिय है वाहन चोर गिरोह
नगर कोतवाली क्षेत्र में बीते दिनों महज 24 घंटे के भीतर दो बड़ी वाहन चोरी की घटनाएं सामने आईं।
पहली घटना में पीरबटावन स्थित फूलबाग मस्जिद के पास रहने वाले मोहम्मद हस्सान के घर के बाहर खड़ी होंडा शाइन (UP32 QH 9089) मोटरसाइकिल सोमवार शाम करीब 4 बजे अज्ञात चोर चोरी कर ले गए।
दूसरी घटना मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे हुई, जब नबीगंज के अहमद नगर स्थित राहत हॉस्पिटल के पास घर के बाहर खड़ा ऑटो (UP41 BT 7967) लॉक तोड़कर चोर लेकर फरार हो गए। बाद में ऑटो दारापुर के पास मिला, लेकिन उसकी चारों बैटरियां गायब थीं।
कई चर्चित चोरी के मामले आज भी अनसुलझे
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर कोतवाली क्षेत्र में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। पिछले कई महीनों से चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन पुलिस अधिकतर मामलों में केवल मुकदमा दर्ज कर खानापूर्ति करती नजर आती है।
प्रमुख अनसुलझे मामले
- सफीपुर स्थित प्रगति विद्या मंदिर से लाखों रुपये के कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सीसीटीवी डीवीआर और अन्य सामान चोरी हुआ, लेकिन आज तक कोई खुलासा नहीं हो सका।
- सरावगी निवासी प्रसिद्ध कपड़ा व्यापारी पवन जैन के परिवार की महिला से बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े भारी सोने की चेन लूट ली थी। घटना सीसीटीवी में कैद हुई, लेकिन वर्षों बाद भी न आरोपी पकड़े गए और न ही जेवर बरामद हुए।
- पुलिस लाइन चौराहे पर आफताब आलम की मोबाइल दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपये की नकदी चोरी कर ली गई। पीड़ित ने खुद आरोपी तक पहुंचने का दावा किया, लेकिन पुलिस चोरी गई रकम बरामद नहीं करा सकी।
हाईटेक पुलिसिंग के दावों पर उठ रहे सवाल
प्रदेश सरकार ने अपराध नियंत्रण के लिए शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर करोड़ों रुपये खर्च कर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। इसके अलावा पुलिस को डिजिटल सर्विलांस, साइबर ट्रैकिंग और अन्य आधुनिक संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
इसके बावजूद बाराबंकी में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं में आरोपी कैमरों में कैद होने के बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसे में आम लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब आधुनिक तकनीक का उपयोग कर भी अपराधियों तक नहीं पहुंचा जा रहा, तो इन व्यवस्थाओं का लाभ आखिर किसे मिल रहा है?
आम जनता में बढ़ रहा आक्रोश, विशेष अभियान चलाने की मांग
शहरवासियों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है। कई लोग अब अपने वाहन और दुकानों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
स्थानीय लोगों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि नगर क्षेत्र में सक्रिय वाहन और चोरी गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए, सीसीटीवी में कैद आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और चोरी गए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता का पुलिस पर भरोसा फिर से कायम हो सके।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











