Barabanki News: बाराबंकी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महादेवा दौरे से पहले अखिल भारतीय राष्ट्रीय सत्यनाम संगठन के संस्थापक महंत अखिलेश दास को हाउस अरेस्ट कर लिया गया।
उन्होंने कोटवाधाम और पारिजात धाम की उपेक्षा का मुद्दा उठाते हुए सीएम को ज्ञापन भेजा और मांगें न माने जाने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 19 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 20 जुलाई को प्रस्तावित श्री लोधेश्वर महादेवा धाम दौरे से ठीक एक दिन पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कार्यक्रम स्थल पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी देने वाले अखिल भारतीय राष्ट्रीय सत्यनाम संगठन के संस्थापक महंत अखिलेश दास को रविवार देर शाम उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन और पुलिस को आशंका थी कि महंत अखिलेश दास अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। इसी के मद्देनज़र पुलिस टीम उनके आवास पहुंची और उनसे लंबी बातचीत की। हालांकि महंत अपनी मांगों पर अड़े रहे, जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकते हुए हाउस अरेस्ट कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा था विस्तृत ज्ञापन
महंत अखिलेश दास ने 19 जुलाई को ही जिलाधिकारी बाराबंकी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत ज्ञापन भेजा था। ज्ञापन में उन्होंने जनपद के दो प्रमुख धार्मिक एवं पौराणिक स्थलों कोटवाधाम और पारिजात धाम की लगातार उपेक्षा का मुद्दा उठाया।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि मुख्यमंत्री द्वारा लोधेश्वर महादेवा धाम में होने वाला शिलान्यास ऐतिहासिक और स्वागत योग्य कदम है, लेकिन बाराबंकी की धार्मिक पहचान केवल एक तीर्थ तक सीमित नहीं है।
महंत ने कहा कि जनपद में सत्यनामी संप्रदाय के प्रवर्तक समर्थ स्वामी जगजीवन दास जी की तपोस्थली कोटवाधाम तथा महाभारत कालीन देववृक्ष पारिजात धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। बावजूद इसके वर्षों से इन दोनों धार्मिक स्थलों की उपेक्षा की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों और सनातन धर्मावलंबियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

ज्ञापन में रखीं दो प्रमुख मांगें
महंत अखिलेश दास ने मुख्यमंत्री से दो प्रमुख मांगें रखीं—
1. मुख्यमंत्री के संबोधन में मिले सम्मान
उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महादेवा के मंच से अपने संबोधन में कोटवाधाम और पारिजात धाम का सम्मानपूर्वक उल्लेख करें तथा इन्हें बाराबंकी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान के रूप में प्रस्तुत करें।
2. विशेष विकास पैकेज की घोषणा
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि महादेवा कॉरिडोर की तर्ज पर कोटवाधाम और पारिजात धाम के सुंदरीकरण, पर्यटन विकास, आधारभूत सुविधाओं और धार्मिक महत्व को बढ़ावा देने के लिए विशेष वित्तीय पैकेज की घोषणा की जाए।
मांगें न मानी गईं तो आंदोलन की दी थी चेतावनी
महंत अखिलेश दास ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी देते हुए लिखा कि यह केवल एक मांग पत्र नहीं, बल्कि बाराबंकी की जनता की आस्था की आवाज़ है।
उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के संबोधन में कोटवाधाम और पारिजात धाम को उचित सम्मान और विकास की घोषणा नहीं मिली तो संगठन के कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे।
ज्ञापन में कहा गया कि संगठन सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ महादेवा कार्यक्रम स्थल के बाहर लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन करेगा। उन्होंने यह भी लिखा कि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
पुलिस पहुंची आवास, बातचीत के बाद किया हाउस अरेस्ट
सूत्रों के अनुसार रविवार देर शाम पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम महंत अखिलेश दास के आवास पहुंची। अधिकारियों ने उनसे वार्ता कर विरोध कार्यक्रम वापस लेने का अनुरोध किया, लेकिन महंत अपनी मांगों पर कायम रहे।
इसके बाद प्रशासन ने एहतियातन उन्हें उनके आवास पर ही रोक दिया। फिलहाल पुलिस की निगरानी में महंत अपने आवास पर हैं और पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर हाई अलर्ट
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार, 20 जुलाई को श्री लोधेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन, निर्माणाधीन महादेवा कॉरिडोर का निरीक्षण, विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के साथ जनसभा को संबोधित करेंगे।
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पूरे महादेवा क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











