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बाराबंकी की बड़ागांव सीएचसी में कई दिनों से ठप पड़ी एक्स-रे सेवा: टेक्निशियन के अवकाश पर जाने से रुकी जांच व्यवस्था, मरीजों पर बढ़ा आर्थिक बोझ

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बाराबंकी के बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई दिनों से एक्स-रे सेवा बंद होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एक्स-रे टेक्निशियन के अवकाश पर होने के कारण जांच कार्य ठप है और मरीज निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर अतिरिक्त खर्च करने को मजबूर हैं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 04 जून 2026

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन बाराबंकी जिले के बड़ागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती नजर आ रही है। यहां पिछले कई दिनों से एक्स-रे सेवा पूरी तरह बंद पड़ी है, जिसके चलते प्रतिदिन अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति यह है कि अस्पताल परिसर में डिजिटल एक्स-रे मशीन मौजूद होने के बावजूद मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक्स-रे जांच न होने के कारण लोगों को मजबूरन निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है, जहां उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी गरीब और जरूरतमंद मरीजों को हो रही है, जो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर रहते हैं।

मशीन मौजूद, लेकिन सेवा ठप

बताते चले कि लखनऊ-गोंडा हाईवे के करीब स्थित बड़ागांव सीएचसी क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। दुर्घटना, चोट या हड्डी संबंधी समस्याओं वाले मरीजों के लिए एक्स-रे जांच अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, लेकिन पिछले कई दिनों से यह सेवा पूरी तरह बंद है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। परिणामस्वरूप मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर जाकर जांच करानी पड़ रही है, जहां उन्हें अपनी जेब से अतिरिक्त धन खर्च करना पड़ रहा है।

तीन दिनों तक अस्पताल के चक्कर काटता रहा मरीज

जहांगीराबाद निवासी अर्जुन कुमार ने बताया कि उनके दाहिने हाथ में चोट लगने के बाद चिकित्सक ने एक्स-रे कराने की सलाह दी थी। इसके लिए वह 29 मई 2026 को बड़ागांव सीएचसी पहुंचे, लेकिन उन्हें बताया गया कि एक्स-रे मशीन खराब है और जांच संभव नहीं है।

अर्जुन के अनुसार अगले दिन दोबारा अस्पताल आने पर भी उन्हें वही जवाब मिला। तीसरे दिन जब वह फिर अस्पताल पहुंचे तो कर्मचारियों ने बताया कि एक्स-रे टेक्निशियन अमित कुमार वर्मा दस दिनों के अवकाश पर हैं और उनके लौटने के बाद ही एक्स-रे सेवा पुनः शुरू हो सकेगी।

अर्जुन का कहना है कि बार-बार अस्पताल आने के बावजूद जांच न होने से उन्हें समय और धन दोनों का नुकसान उठाना पड़ा।

गरीब मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

मरीजों और तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार, जो सरकारी अस्पतालों में मुफ्त या कम लागत वाली चिकित्सा सेवाओं की उम्मीद लेकर आते हैं, उन्हें निजी जांच केंद्रों पर सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में पहले से वैकल्पिक व्यवस्था की गई होती तो मरीजों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

अधीक्षक बोले- दूसरा तकनीशियन उपलब्ध नहीं

जब इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में एक्स-रे संचालन के लिए कोई अन्य तकनीशियन उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने कहा कि एक्स-रे टेक्निशियन अमित कुमार वर्मा अवकाश पर हैं और उनके वापस लौटने के बाद ही एक्स-रे सेवा पुनः सुचारु हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल के पास एक्स-रे संचालन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि एक कर्मचारी के अवकाश पर जाने से अस्पताल की महत्वपूर्ण जांच सेवा पूरी तरह बंद हो जाती है, तो यह व्यवस्था की कमजोरी को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक सेवाओं के लिए बैकअप स्टाफ और वैकल्पिक व्यवस्था होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी कर्मचारी की अनुपस्थिति का सीधा असर मरीजों पर न पड़े।

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क्षेत्रीय लोगों ने की तत्काल कार्रवाई की मांग

क्षेत्रीय नागरिकों और मरीजों ने जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जल्द से जल्द एक्स-रे सेवा बहाल कर मरीजों को राहत दी जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकारी अस्पतालों में मूलभूत जांच सुविधाओं का सुचारु रूप से संचालित होना स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता के लिए आवश्यक है। ऐसे में बड़ागांव सीएचसी में एक्स-रे सेवा का लंबे समय तक ठप रहना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

रिपोर्ट – नूर मोहम्मद 

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Author: Kamran Alvi

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