बाराबंकी के बेलहरा स्थित निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया।
डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 17 अप्रैल 2026
जनपद की नगर पंचायत बेलहरा स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत का मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
इलाज के दौरान मौत, डॉक्टर-स्टाफ मौके से फरार
मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के कुदततापुर निवासी राजेंद्र राजपूत पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे। परिजनों ने पहले उन्हें सूरतगंज के एक अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर बेलहरा के फैमिली अस्पताल में शिफ्ट किया गया।
आरोप है कि यहां इलाज के दौरान अचानक मरीज की हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। जैसे ही मौत की खबर फैली, अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ मौके से गायब हो गए, जिससे परिजन आक्रोशित हो उठे।

परिजनों का आरोप—इलाज में बरती गई लापरवाही
मृतक के भाई मुरली और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीज का सही इलाज नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार मिलता, तो राजेंद्र राजपूत की जान बचाई जा सकती थी।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सूचना पर पहुंची पुलिस, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही मोहम्मदपुर खाला पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
थाना प्रभारी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि मरीज की मौत के बाद अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर गई थी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई निजी अस्पताल बिना पर्याप्त संसाधनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के संचालित हो रहे हैं, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
रिपोर्ट – नीरज निगम














