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Barabanki News: इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर यूपी बार काउंसिल सख्त, गंभीर मामलों में आरोपित वकीलों की सूची मांगी; आदेश न मानने पर बार एसोसिएशन की मान्यता रद्द करने की चेतावनी

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Barabanki News: इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने सभी बार एसोसिएशनों से गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपित अधिवक्ताओं की सूची 15 दिन में मांगी है।

आदेश का पालन न करने पर मान्यता समाप्त करने और रिपोर्ट हाईकोर्ट भेजने की चेतावनी दी गई है।

बाराबंकी/प्रयागराज, उत्तर प्रदेश | 26 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं के खिलाफ लंबित गंभीर आपराधिक मामलों को लेकर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने बड़ा कदम उठाया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में बार काउंसिल ने प्रदेश की सभी संबद्ध बार एसोसिएशनों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन अधिवक्ताओं के विरुद्ध गंभीर अपराधों में प्राथमिकी दर्ज है अथवा जिनके खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल हो चुका है और मुकदमा विचाराधीन है, उनकी सूची तैयार कर 15 दिनों के भीतर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को भेजी जाए।

यह निर्देश 23 जुलाई 2026 को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सचिव द्वारा जारी पत्र के माध्यम से प्रदेश की सभी संबद्ध बार एसोसिएशनों के अध्यक्ष एवं मंत्रियों को भेजा गया है।

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हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में जारी हुआ निर्देश

बार काउंसिल द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा याचिका संख्या 12231/2025 (मो. कफील बनाम स्टेट ऑफ यूपी एवं अन्य) में 03 जून 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में यह कार्रवाई की जा रही है।

पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि सभी बार एसोसिएशन ऐसे अधिवक्ताओं का विवरण उपलब्ध कराएं जिनके विरुद्ध गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं या जिनका मुकदमा वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।

आदेश का पालन नहीं किया तो रद्द हो सकती है मान्यता

बार काउंसिल ने अपने निर्देश में सख्त चेतावनी भी दी है। पत्र के अनुसार यदि कोई बार एसोसिएशन इस आदेश की अवहेलना करती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चेतावनी में कही गई प्रमुख बातें

  • संबंधित बार एसोसिएशन की बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से संबद्धता समाप्त (डि-रिकॉग्निशन) की जा सकती है।
  • उस बार एसोसिएशन के सदस्य अधिवक्ताओं को बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
  • यह माना जाएगा कि संबंधित बार एसोसिएशन इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना कर रही है।
  • पूरे मामले की रिपोर्ट माननीय उच्च न्यायालय को भेजी जाएगी।
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जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को भी भेजी गई प्रति

बार काउंसिल द्वारा जारी पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश के सभी संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है। इनमें शामिल हैं—

  • सभी जिला जज
  • सभी जिलाधिकारी
  • सभी पुलिस आयुक्त
  • सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक
  • सभी मुख्य विकास अधिकारी
  • सभी नायब तहसीलदार

साथ ही जिला जज एवं जिलाधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने जिले एवं तहसील स्तर की प्रत्येक बार एसोसिएशन तक इस आदेश की प्रति पहुंचाना सुनिश्चित करें।

अधिवक्ता संगठनों में बढ़ी हलचल

बार काउंसिल के इस आदेश के बाद प्रदेश भर की बार एसोसिएशनों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पहली बार गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपित अधिवक्ताओं का व्यवस्थित डाटा तैयार कर बार काउंसिल को उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही आदेश का पालन न करने वाली बार एसोसिएशनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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