Lucknow News: लखनऊ के पुराना हाईकोर्ट परिसर में कोर्ट मैरिज का विरोध करने पहुंचे बाराबंकी के परिवार के साथ मारपीट, बंधक बनाने और महिला से अश्लील हरकत का आरोप।
वज़ीरगंज पुलिस ने 6 नामजद समेत 20 वकीलों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

बाराबंकी/लखनऊ, उत्तर प्रदेश | 26 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पुराने हाईकोर्ट परिसर में कथित तौर पर न्याय के मंदिर में ही कानून को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। बाराबंकी निवासी एक युवक ने आरोप लगाया है कि अपनी छोटी बहन को कोर्ट मैरिज करने से रोकने और समझाने के लिए पहुंचने पर कुछ अधिवक्ताओं ने उसे, उसकी बुजुर्ग मां, बड़ी बहन और दोस्त को चैम्बर में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। इतना ही नहीं, युवक ने आरोप लगाया है कि उसके सामने ही उसकी बड़ी बहन के साथ अश्लील हरकतें की गईं तथा उसकी मां पर कुर्सी और लोहे की रॉड से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
पीड़ित की शिकायत पर वज़ीरगंज पुलिस ने 6 नामजद तथा 14 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ हत्या के प्रयास, यौन उत्पीड़न, महिला से अभद्रता, बलवा, धमकी सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छोटी बहन को समझाने पहुंचे थे, चैम्बर में हुआ कथित हमला
बाराबंकी नगर कोतवाली क्षेत्र निवासी पीड़ित के अनुसार, उसकी छोटी बहन 24 जुलाई 2026 को लखनऊ के एक युवक के साथ कोर्ट मैरिज करने जा रही थी। बहन के बुलाने पर वह अपनी मां, बड़ी बहन और एक मित्र के साथ दोपहर करीब तीन बजे कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट परिसर पहुंचा।
मोबाइल पर बातचीत के बाद उसकी छोटी बहन ने उसे सिविल कोर्ट स्थित अधिवक्ता प्रशांत वाजपेयी के चैम्बर में आने को कहा। पीड़ित का आरोप है कि वहां पहले से कई अधिवक्ता मौजूद थे।
कोर्ट मैरिज से मना करने पर भड़क गए अधिवक्ता, गाली-गलौज का आरोप
पीड़ित का कहना है कि जब उसने अपनी छोटी बहन को कोर्ट मैरिज न करने के लिए समझाने का प्रयास किया तो वहां मौजूद अधिवक्ता भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने परिवार पर अपने “क्लाइंट को बहकाने” और “काम में बाधा डालने” का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर अधिवक्ता रवि कुमार कन्नौजिया, आकाश कुमार वर्मा, इस्लामुद्दीन, मोहम्मद आसिफ, सौरभ तिवारी तथा अन्य लोगों ने मिलकर युवक और उसके मित्र को पकड़ लिया।
मां पर कुर्सी और लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि अधिवक्ता रवि कुमार कन्नौजिया ने वहां मौजूद कुर्सी और लोहे की रॉड से युवक की मां के सिर पर हमला कर दिया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर गईं।
पीड़ित का कहना है कि उनकी मां के सिर, आंख और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और वह अब सामान्य रूप से काम करने में असमर्थ हैं।
बड़ी बहन से अश्लील हरकत करने का आरोप
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि चैम्बर का दरवाजा बंद कर युवक की बड़ी बहन के साथ अश्लील हरकतें की गईं।
पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर उसे और उसके मित्र को जमीन पर गिराकर पीटा गया, जबकि उसकी बहन के साथ अभद्र व्यवहार जारी रखा गया। उसने दावा किया कि आरोपियों ने उसकी बहन के साथ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं।
दोस्त ने पुलिस बुलाकर बचाई जान
पीड़ित के अनुसार, किसी तरह उसने अपने मित्र को दरवाजे से बाहर धक्का देकर पुलिस बुलाने के लिए भेजा। मित्र पुराना हाईकोर्ट पुलिस चौकी पहुंचा और पुलिस को सूचना दी।
आरोप है कि पुलिस पहुंचने की भनक लगते ही सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि उसकी छोटी बहन को भी आरोपित अपने साथ ले गए।
पुलिस ने 20 लोगों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
इस मामले में चौक के एसीपी शुभम कुमार ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर 6 नामजद और 14 अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार मुकदमे में शामिल प्रमुख धाराएं हैं—
- हथियारों के साथ बलवा
- हत्या का प्रयास
- महिला के साथ यौन उत्पीड़न
- महिला को निर्वस्त्र करने के उद्देश्य से हमला
- मारपीट
- जान से मारने की धमकी
- सार्वजनिक शांति भंग करने सहित अन्य प्रासंगिक धाराएं
एसीपी ने बताया कि पुराने हाईकोर्ट परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अज्ञात आरोपियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद ही होगी आरोपों की पुष्टि
फिलहाल यह मामला पीड़ित पक्ष के आरोपों पर आधारित है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की पुष्टि होगी तथा दोषियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – नौमान माजिद











