Barabanki News: बाराबंकी के फतेहपुर में आयोजित अपना दल (कमेरावादी) के कार्यकर्ता सम्मेलन में सिराथू विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
किसानों, रोजगार, संविधान और सामाजिक न्याय पर दिया बड़ा बयान।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के फतेहपुर स्थित सरदार पटेल संस्थान में सोमवार को अपना दल (कमेरावादी) की ओर से कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में सिराथू विधायक एवं अपना दल (कमेरावादी) की राष्ट्रीय नेता डॉ. पल्लवी पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से डॉ. पल्लवी पटेल का जोरदार स्वागत किया। सम्मेलन के दौरान संगठन को मजबूत करने, आगामी राजनीतिक रणनीति और जनहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यकर्ता सम्मेलन में सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. पल्लवी पटेल ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगभग एक दशक पहले जनता से कई बड़े वादे किए गए थे, जिनमें अमृतकाल, प्रत्येक नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये, किसानों की आय दोगुनी करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने जैसे दावे शामिल थे, लेकिन आम लोगों को इन वादों का अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका।
उन्होंने कहा कि जनता आज भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है और किसानों, युवाओं तथा आम नागरिकों की परेशानियां लगातार बनी हुई हैं।

आवारा पशुओं और किसानों की समस्याओं का किया जिक्र
डॉ. पल्लवी पटेल ने किसानों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश का किसान आज भी अपनी फसलों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए रात-दिन खेतों की रखवाली करने को मजबूर है।
उन्होंने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उसके अनुरूप राहत और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
नोटबंदी और कोरोना काल को लेकर भी सरकार पर साधा निशाना
अपने संबोधन में उन्होंने वर्ष 2016 की नोटबंदी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस फैसले के दौरान आम जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था।
कोरोना महामारी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत किए जाने की आवश्यकता थी। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
पूंजीवादी सोच पर भी जताई चिंता
डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि जब तक पूंजीवादी सोच व्यवस्था पर हावी रहेगी, तब तक आम लोगों के हित पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की जागरूकता सबसे बड़ी ताकत होती है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग नहीं रहेंगे तो लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर पड़ सकती हैं और सरकारों के निरंकुश होने का खतरा बढ़ सकता है।
संविधान को बताया नागरिकों के अधिकारों की सबसे बड़ी गारंटी
डॉ. पटेल ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा का आधार है।
उन्होंने सामाजिक न्याय, शिक्षा, किसानों के अधिकार, महिलाओं के आरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को लेकर भी विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि संविधान ही समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को समान अवसर प्रदान करने की गारंटी देता है।
कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने का आह्वान
सम्मेलन के अंत में डॉ. पल्लवी पटेल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य, सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए समाज को संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना होगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील भी की।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सुशील पटेल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पूनम पटेल, प्यारेलाल पटेल, राम प्रकाश पटेल, ओम प्रकाश पटेल, राजकुमार पटेल, राकेश कुमार पटेल, रमेश चंद्र पटेल, राजेश कुमार रावत, विनय वर्मा सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान अली












