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Barabanki News: सावन के पहले सोमवार पर रूट डायवर्जन बना श्रद्धालुओं की परेशानी का कारण, घंटों वाहन का इंतजार करते रहे हजारों श्रद्धालु

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Barabanki News: सावन के पहले सोमवार पर लोधेश्वर महादेवा धाम में रूट डायवर्जन के कारण हजारों श्रद्धालुओं को घंटों वाहन का इंतजार करना पड़ा।

महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले स्थित प्रसिद्ध श्री लोधेश्वर महादेवा धाम में सावन के पहले सोमवार पर लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भगवान शिव के जलाभिषेक और दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर दिखाई दिया। भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक रूट डायवर्जन लागू किया था। हालांकि यह व्यवस्था सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिहाज से प्रभावी रही, लेकिन दर्शन कर लौटने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए यही रूट डायवर्जन भारी परेशानी का कारण बन गया।

दर्शन के बाद घर लौटने के लिए घंटों भटकते रहे श्रद्धालु

मंदिर में दर्शन करने के बाद घर लौटने वाले श्रद्धालुओं को सार्वजनिक परिवहन की कमी के कारण घंटों तक सड़क किनारे वाहन का इंतजार करना पड़ा। कई स्थानों पर बसें और अन्य यात्री वाहन नहीं मिलने से श्रद्धालु परेशान नजर आए। महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के साथ आए परिवारों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

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कई श्रद्धालुओं ने बताया कि दर्शन करने में जितना समय नहीं लगा, उससे कहीं अधिक समय उन्हें वापस घर जाने के लिए वाहन की तलाश में बिताना पड़ा। रूट डायवर्जन के कारण कई वाहनों को काफी दूर रोक दिया गया था, जिससे श्रद्धालुओं को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ी।

निजी वाहन वालों को राहत, सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर लोग हुए परेशान

श्रद्धालुओं का कहना था कि जिन लोगों के पास निजी वाहन थे, वे किसी तरह अपने गंतव्य तक पहुंच गए, लेकिन बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों पर निर्भर लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे घंटों तक सड़क किनारे खड़े रहे, लेकिन उन्हें कोई बस या अन्य वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। मजबूरी में कुछ लोगों ने महंगे किराए पर निजी वाहन किए, जबकि कई लोग पैदल ही काफी दूरी तक चलते रहे।

महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की बढ़ी मुश्किलें

सावन मेले में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चों के साथ परिवार भी पहुंचे थे। रूट डायवर्जन के कारण इन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। कई बुजुर्ग श्रद्धालु थकान और गर्मी के कारण सड़क किनारे बैठकर वाहन का इंतजार करते दिखाई दिए।

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श्रद्धालुओं ने बताया कि यदि प्रशासन प्रमुख डायवर्जन प्वाइंटों पर पर्याप्त संख्या में बसों और छोटे यात्री वाहनों की व्यवस्था करता तो उन्हें इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।

श्रद्धालुओं ने परिवहन व्यवस्था सुधारने की उठाई मांग

श्रद्धालुओं ने कहा कि भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए रूट डायवर्जन आवश्यक हो सकता है, लेकिन इसके साथ-साथ वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी है।

उन्होंने मांग की कि आने वाले सावन सोमवारों और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान प्रमुख डायवर्जन स्थलों पर रोडवेज बसें, शटल बसें और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि दर्शन कर लौटने वाले श्रद्धालुओं को घंटों तक सड़क पर वाहन का इंतजार न करना पड़े।

व्यवस्थाएं सराही गईं, लेकिन परिवहन बना सबसे बड़ी चुनौती

श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाओं की सराहना भी की, लेकिन उनका कहना था कि वापसी के समय परिवहन व्यवस्था की कमी पूरे अनुभव पर भारी पड़ गई। यदि प्रशासन इस कमी को दूर कर दे तो आने वाले सोमवारों में श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल सकती है।

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रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी 

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Author: Kamran Alvi

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