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बाराबंकी में गम-ए-हुसैन की गूंज, कटरा मिर्जा नगर में अकीदत और अमन के साथ निकला ताजिया जुलूस

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बाराबंकी के शहाबपुर स्थित कटरा मिर्जा नगर में दसवें मोहर्रम पर गमगीन माहौल में ताजिया जुलूस निकाला गया।

कई अंजुमनों ने नौहाखानी की, अकीदतमंदों के लिए शरबत, हलीम और बिरयानी का इंतजाम किया गया।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस मुस्तैद रही।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 07 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र स्थित कस्बा शहाबपुर के मोहल्ला कटरा मिर्जा नगर में हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और कर्बला के 72 शहीद साथियों की याद में मनाया जाने वाला दसवां मोहर्रम गमगीन, धार्मिक और अकीदतमंद माहौल में संपन्न हुआ। रविवार देर रात निकले ताजिया जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की।

अकीदत और अमन के साथ निकला ताजिया जुलूस

दसवें मोहर्रम की रात कटरा मिर्जा नगर से पारंपरिक ताजिया जुलूस पूर्व निर्धारित मार्गों से निकाला गया। जुलूस विभिन्न रास्तों से गुजरते हुए पूरे क्षेत्र का भ्रमण कर पुनः इमामबाड़ा पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में अकीदतमंद “या हसन, या हुसैन” की सदाओं के साथ मातम और नौहाखानी करते हुए आगे बढ़ते रहे।

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जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं ने कर्बला के शहीदों को याद करते हुए उनके बलिदान को इंसानियत, न्याय और सत्य के लिए दी गई महान कुर्बानी बताया।

कई जिलों से पहुंचीं अंजुमनें, गूंजती रही नौहाखानी

ताजिया जुलूस में शहाबपुर, सुरसंडा, मखदूमिया, बांसा शरीफ, बड़ागांव, मसौली शरीफ, देवा शरीफ, रसौली समेत आसपास और दूर-दराज के क्षेत्रों से आई विभिन्न अंजुमनों ने अपने कलाम और नौहे पेश किए। नौहाखानी के दौरान पूरा इलाका गम-ए-हुसैन में डूबा नजर आया।

अकीदतमंदों के लिए शरबत, पानी, लस्सी और हलीम का इंतजाम

जुलूस मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर अज़ादारों और समाजसेवियों की ओर से ठंडे पानी, शरबत और सबील की व्यवस्था की गई। बाहर से आए मेहमानों और अकीदतमंदों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

समाजसेवी सगीर अंसारी ने दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए लस्सी, हलीम (खिचड़ा), मीठा पुलाव और चिकन बिरयानी का विशेष प्रबंध कराया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।

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स्थानीय लोगों ने निभाई अहम भूमिका

कार्यक्रम के सफल आयोजन में मोहम्मद सलीम अंसारी (टांडे वाले), मोहम्मद नासिर, मोहम्मद समीर, मोहम्मद अली हैदर, मोहम्मद सद्दाम हुसैन, नासिर हुसैन, रिजवान, जुबेर, शादाब, अरशद, अलाउद्दीन, जफरुल हसन, अख्तर हुसैन, नियाज अहमद, चांद बाबू और मोहम्मद कुरैश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने सक्रिय सहयोग दिया।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

ताजिया जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मसौली थाना पुलिस पूरे कार्यक्रम के दौरान मुस्तैदी से तैनात रही। पुलिस बल ने जुलूस के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी, जिससे पूरा आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

मोहर्रम का संदेश

मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, इंसाफ, त्याग और मानवता की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान की याद दिलाने वाला अवसर भी है। हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत आज भी पूरी दुनिया को अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देती है।

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रिपोर्ट – नूर मोहम्मद 

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Author: Kamran Alvi

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