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बाराबंकी में खूनी संघर्ष के बाद फिर भड़का गुस्सा: शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन, CO हटाने की मांग; हत्या के आरोप में 13 पर केस, 4 गिरफ्तार

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बाराबंकी के हैदरगढ़ क्षेत्र में खूनी संघर्ष में मारे गए भगवानदीन के शव को सड़क पर रखकर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।

पुलिस क्षेत्राधिकारी को हटाने की मांग उठी। हत्या के मामले में 13 लोगों पर मुकदमा दर्ज, 4 आरोपी गिरफ्तार।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 02 जुलाई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बरांवां के पूरे मेहरबान मजरे में ग्राम प्रधान चुनाव की गुटबाजी और जमीनी विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष के बाद हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके हैं। बुधवार को हुए इस हिंसक संघर्ष में 60 वर्षीय भगवानदीन की मौत हो गई थी, जबकि सात अन्य लोग घायल हो गए थे। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही भगवानदीन का शव गांव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा एक बार फिर फूट पड़ा।

आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) समीर सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की। करीब कई घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा।

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शव सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन, पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

मृतक भगवानदीन का शव पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार को गांव पहुंचा तो परिजन अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए सड़क पर बैठ गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि यदि पहले ही पुलिस ने जमीन विवाद और लगातार हो रही शिकायतों पर गंभीरता दिखाई होती तो भगवानदीन की जान नहीं जाती। ग्रामीणों ने पुलिस क्षेत्राधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें हटाने की मांग की।

अंतिम संस्कार कराने में प्रशासन को करनी पड़ी कड़ी मशक्कत

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। परिजन लगातार शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार करते रहे, जिसके चलते प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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आखिरकार बरांवां के प्रधान प्रतिनिधि बृजेश सिंह और पूर्व प्रधान रामकुमार सिंह के हस्तक्षेप के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इसके बाद प्रशासन की मौजूदगी में भगवानदीन के शव को श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कराया गया।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे। इनमें पूर्व विधायक राममगन रावत, जिला पंचायत सदस्य धीरज यादव, महादेव पाठक, अधिवक्ता बृजेन्द्र सिंह ‘बिज्जू’ सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।

पूरे गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

हत्या के आरोप में 13 लोगों पर मुकदमा, 4 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए अब तक 13 लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कोतवाली हैदरगढ़ के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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क्या है पूरा मामला?

बुधवार को पूरे मेहरबान मजरे में ग्राम प्रधान चुनाव की पुरानी गुटबाजी और जमीन विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में लाठी-डंडे और धारदार हथियार चल गए। इस खूनी संघर्ष में भगवानदीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वहीं दोनों पक्षों के कई अन्य लोग भी घायल हुए थे।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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