Barabanki News: देवा थाना क्षेत्र की विधवा महिला ने दबंगों पर घर के सामने सार्वजनिक रास्ते में कथित अवैध निर्माण, मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया।
महिला ने पुलिस पर आरोपियों का साथ देने का गंभीर आरोप लगाया है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 16 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पुलिस की कार्यशैली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। देवा थाना क्षेत्र की एक विधवा महिला ने पुलिस पर दबंगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनका पक्ष लेने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि उसके घर के ठीक सामने सार्वजनिक रास्ते पर कथित तौर पर जबरन शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। विरोध करने पर उसे गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई, लेकिन लिखित शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
पीड़िता का आरोप है कि पुलिस के कथित ढुलमुल रवैये से दबंगों के हौसले और बढ़ गए हैं और उन्होंने दोबारा निर्माण शुरू कर दिया है।
गरीब विधवा के घर के सामने सार्वजनिक रास्ते पर निर्माण का आरोप
देवा थाना क्षेत्र के सिसवारा गांव निवासी संजू शर्मा पत्नी स्वर्गीय रामसजीवन ने पुलिस को दी शिकायत में खुद को गरीब, असहाय और विधवा बताया है।
संजू शर्मा के मुताबिक वह अकेले मजदूरी कर अपनी बुजुर्ग और बीमार सास तथा तीन छोटे बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं।
पीड़िता का आरोप है कि गांव के ही कन्हैया लाल पुत्र हरिश्चन्द्र और ब्रजेश पुत्र कन्हैया लाल अपने पक्के मकान के बावजूद उसके घर के ठीक सामने स्थित सार्वजनिक रास्ते पर कथित रूप से जबरन शौचालय का निर्माण करा रहे हैं।
महिला का कहना है कि यदि निर्माण पूरा हो गया तो उसका घर पूरी तरह ढक जाएगा और घर तक आने-जाने के रास्ते को लेकर भी गंभीर समस्या पैदा हो जाएगी।
विरोध किया तो गाली-गलौज, 112 पहुंची तो रुकवाया निर्माण
पीड़िता के अनुसार 13 अगस्त 2026 को करीब 3 बजे उसने निर्माण का विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने उसके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी।
इसके बाद महिला ने तत्काल यूपी 112 पर पुलिस को सूचना दी। पीड़िता के मुताबिक पुलिस मौके पर पहुंची और उस समय निर्माण कार्य रुकवा दिया।
महिला का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे थाने में लिखित शिकायत देने की बात कही और मौके से चले गए।
इसके बाद संजू शर्मा ने देवा थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी और कथित अवैध निर्माण रुकवाने के साथ दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
‘पुलिस का रवैया बदला तो दबंगों ने फिर शुरू कर दिया निर्माण’
पीड़िता का सबसे गंभीर आरोप पुलिस की कार्यशैली को लेकर है। महिला का कहना है कि थाने में शिकायत देने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता से दबंगों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने दोबारा निर्माण कार्य शुरू करा दिया।
महिला का कहना है कि जब उसने फिर निर्माण रोकने का प्रयास किया तो उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और जान से मारकर शव गायब कर देने की धमकी दी गई।
‘पुलिस साथ न दे तो गरीब विधवा किसके पास जाए?’
पीड़िता का कहना है कि वह पहले से ही बेहद कठिन परिस्थितियों में अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही है। ऐसे में घर के सामने रास्ते पर कथित निर्माण और धमकियों ने उसकी परेशानी और बढ़ा दी है।
महिला का आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो दबंग दोबारा निर्माण करने और उसे धमकाने की हिम्मत नहीं करते।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सार्वजनिक रास्ते पर हो रहे कथित अवैध निर्माण की जांच होगी? क्या विधवा महिला की शिकायत पर पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करेगी? और क्या उसे तथा उसके बच्चों को सुरक्षा मिल पाएगी?
पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ निर्माण रुकवाने और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












