Barabanki News: पचासी गांव में सरकारी घूर गड्ढे की जमीन से कब्जा हटाने पहुंची प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई में मकान और शौचालय ढहाए गए।
कार्रवाई के दौरान युवती बेहोश हुई, ग्रामीणों ने नोटिस को लेकर सवाल उठाए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 16 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में रविवार को सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने पहुंची प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। नवाबगंज तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत पचासी में घूर गड्ढे की सरकारी जमीन पर कथित कब्जे के खिलाफ राजस्व और पुलिस टीम ने कार्रवाई की। प्रशासन ने कई निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर जमीन को कब्जामुक्त कराया। इसी दौरान एक मकान गिराए जाने से एक युवती घबराकर बेहोश हो गई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए बिना पूर्व नोटिस दिए बुलडोजर चलाने का आरोप लगाया। वहीं प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
घूर गड्ढे की जमीन पर कार्रवाई, चार लोगों के निर्माण ढहाए
बताया गया कि ग्राम पंचायत पचासी में घूर गड्ढे के लिए दर्ज सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत प्रशासन को मिली थी। शिकायत के बाद रविवार को नायब तहसीलदार नम्रता दूबे के नेतृत्व में राजस्व टीम पुलिस बल के साथ गांव पहुंची।
प्रशासनिक टीम ने सरकारी जमीन पर बने उमाशंकर, जगदीश, दिनेश और संतोष के मकान एवं शौचालय समेत अन्य निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कराया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और बुलडोजर मौके पर मौजूद रहे।
निर्माण गिराए जाने के बाद सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।

मकान गिरते ही युवती हुई बेहोश, मौके पर मची अफरा-तफरी
बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एक मकान गिराए जाने से वहां मौजूद एक युवती अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर गई और बेहोश हो गई। युवती के बेहोश होते ही मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल युवती को संभाला। घटना के बाद कुछ देर के लिए मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।

ग्रामीण बोले- पहले नोटिस तक नहीं दिया, अचानक पहुंचा बुलडोजर
प्रशासन की कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शनिवार को अधिकारी गांव पहुंचे थे और सरकारी जमीन से कब्जा हटाने की बात कहकर चले गए थे, लेकिन उन्हें लिखित नोटिस नहीं दिया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, इसके अगले ही दिन भारी पुलिस बल और बुलडोजरों के साथ प्रशासनिक टीम गांव पहुंची और निर्माण गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि प्रशासन को निर्माण हटाना ही था तो पहले विधिवत नोटिस देकर पक्ष रखने का मौका दिया जाना चाहिए था।
विरोध करने वालों को पुलिस ने हिरासत में लिया
बुलडोजर कार्रवाई का कुछ ग्रामीणों ने मौके पर विरोध भी किया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक की स्थिति बनी। पुलिस ने विरोध कर रहे कुछ लोगों को अपने साथ थाने ले गई।
बताया गया कि पुलिस द्वारा कुछ लोगों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई भी की गई। कार्रवाई के दौरान गांव में काफी देर तक तनाव और हड़कंप का माहौल बना रहा।
प्रशासन बोला- सरकारी जमीन को कराया जा रहा कब्जामुक्त
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत के बाद राजस्व टीम द्वारा कार्रवाई की गई है। सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराकर उसे मूल उपयोग के लिए सुरक्षित किया जा रहा है।
हालांकि, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए नोटिस नहीं देने और कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल से यह मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा में है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान अली













