हापुड़ की जिला पूर्ति अधिकारी सीमा चौधरी पर उनकी मां ने जमीन हड़पने, फर्जी दस्तावेज बनाने और बैंक खाते में कथित अवैध धन जमा कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
डीआईजी सहारनपुर के निर्देश पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सहारनपुर, उत्तर प्रदेश | 02 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। हापुड़ में तैनात जिला पूर्ति अधिकारी (District Supply Officer – DSO) सीमा चौधरी पर उनकी ही मां ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि उनकी पुत्री ने कथित रूप से भू-माफिया गिरोह के साथ मिलकर उनकी करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन हड़पने की साजिश रची, फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और उनके बैंक खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर अवैध धन के लेन-देन के लिए किया।
मामले की शिकायत डीआईजी सहारनपुर से की गई, जिसके निर्देश पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मां ने बेटी पर लगाए भू-माफिया से सांठगांठ के आरोप
शिकायतकर्ता मुनेश रानी ने डीआईजी सहारनपुर को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उनकी पुत्री सीमा चौधरी, जो वर्तमान में हापुड़ में जिला पूर्ति अधिकारी के पद पर तैनात हैं, कथित रूप से संजीव कुमार और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक भू-माफिया गिरोह चला रही हैं।
मुनेश रानी का कहना है कि यह गिरोह उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करना चाहता है और इसी उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
बैंक खाते में बिना जानकारी जमा हुए 15 लाख रुपये
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उनका आईसीआईसीआई बैंक, गाजियाबाद में खाता उनकी बेटी सीमा चौधरी ने खुलवाया था और उसी की ई-मेल आईडी खाते में दर्ज कराई गई थी।
मुनेश रानी का दावा है कि उन्हें बैंकिंग की जानकारी नहीं है और खाते का संचालन भी उनकी बेटी ही करती थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना उनके खाते में 15 लाख रुपये जमा किए गए, जबकि उन्होंने न तो कोई राशि जमा कराई और न ही निकाली। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटी कथित रूप से अपना अवैध धन उनके खाते के माध्यम से जमा करती रही।
जमीन हड़पने के लिए बनाई गई फर्जी रसीद का आरोप
शिकायत के अनुसार, संजीव कुमार चौधरी, राजेंद्र राणा, गंभीर और नरेश कुमार सहित अन्य लोगों ने मिलकर ग्राम मीरपुर सीतापुर स्थित उनकी जमीन हड़पने के उद्देश्य से 16 सितंबर 2023 की एक फर्जी रसीद तैयार की।
मुनेश रानी का आरोप है कि इस रसीद पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए।
उन्होंने बताया कि जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने हस्तलेख विशेषज्ञ संजय मलिक (मुजफ्फरनगर) से दस्तावेज की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में कथित तौर पर रसीद पर किए गए हस्ताक्षर उनके वास्तविक हस्ताक्षरों से भिन्न पाए गए।
पुलिस पर पहले कार्रवाई न करने का भी आरोप
पीड़िता का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पहले थाना सरसावा में शिकायत की, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सहारनपुर से भी शिकायत की, लेकिन वहां भी कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार उन्होंने डीआईजी सहारनपुर से न्याय की गुहार लगाई।
जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप
मुनेश रानी ने शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी लगातार उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उनका कहना है कि आरोपियों ने उन्हें धमकी दी कि विरोध करने पर उनकी हत्या कर शव को ऐसी जगह फेंक दिया जाएगा, जहां किसी को पता भी नहीं चलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि लगातार मिल रही धमकियों के कारण उन्होंने अपनी कुछ संपत्ति का विधिवत बैनामा नैन्सी जोशी पत्नी अनुपम जोशी, देहरादून के पक्ष में कर दिया, जिसका दाखिल-खारिज भी हो चुका है। इसके बावजूद आरोपी उनसे रंजिश रखते हुए लगातार दबाव बना रहे हैं।
डीआईजी के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी सहारनपुर के निर्देश पर पुलिस ने शिकायत में नामजद सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – नौमान माजिद











