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बाराबंकी में छप्पर में लगी भीषण आग: दो किसानों का भारी नुकसान, देर से पहुंची दमकल; बच्चों को बचाते हुए महिला झुलसी

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बाराबंकी के घु़ंघटेर थाना क्षेत्र के जानीनगर गांव में छप्पर में आग लगने से दो किसानों का भारी नुकसान हुआ।

तीन बच्चों को बचाते समय महिला गंभीर रूप से झुलसी, दमकल की देरी पर ग्रामीणों में नाराजगी।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 24 अप्रैल 2026

जिले के घु़ंघटेर थाना क्षेत्र के जानीनगर गांव में शुक्रवार को अचानक छप्पर में आग लगने से अफरातफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते दो किसानों का घर और मढ़हा इसकी चपेट में आ गए।

बच्चों को बचाने दौड़ी मां, खुद झुलसी

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी मुलायम की पत्नी नीशू शुक्रवार की दोपहर अपने तीन बच्चों को घर पर छोड़कर पड़ोस में गई थी। इसी दौरान अज्ञात कारणों के चलते छप्पर में आग लग गई। जिससे छप्पर के नीचे खेल रहे उसके तीनों बच्चे घर में ही फंस गए।

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बच्चों की चीख-पुकार सुनकर उनकी मां नीशू यादव दौड़कर मौके पर पहुंचीं और जान जोखिम में डालकर तीनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि इस दौरान वह खुद गंभीर रूप से झुलस गईं।

आग ने पड़ोसी का घर भी लिया चपेट में

जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचते, आग ने पड़ोस में रहने वाले अजय पुत्र हरिद्वारी के मढ़हे को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की तेज लपटों से आसपास के लोग दहशत में आ गए।

लाखों का सामान जलकर राख

ग्रामीणों और राहगीरों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।

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आग में मुलायम के घर का घरेलू सामान—चारपाई, बर्तन, कपड़े, जेवर, नगदी, पुआल, गेहूं और मोटरसाइकिल—जलकर राख हो गए। वहीं अजय का ट्रैक्टर, चारा मशीन, गेहूं और भूसा भी आग की भेंट चढ़ गया।

महिला की हालत गंभीर, लखनऊ रेफर

घायल नीशू यादव को परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया।

दमकल की देरी पर ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों ने बताया कि स्थानीय लोगों ने करीब एक से दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जबकि दमकल की गाड़ी काफी देर से मौके पर पहुंची। इसे लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।

नुकसान का आकलन जारी

क्षेत्रीय लेखपाल मोहित यादव ने बताया कि घटना में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।

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प्रशासन से मदद की मांग

ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और राहत की मांग की है, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को पटरी पर ला सकें।

रिपोर्ट – ललित राजवंशी 

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Author: Kamran Alvi

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