बाराबंकी के हैदरगढ़ में लखनऊ-बनारस हाईवे पर निर्माणाधीन बिल्डिंग की शटरिंग गिरने से बड़ा हादसा हो गया।
एक मजदूर की मौत हो गई जबकि तीन गंभीर रूप से घायल मजदूरों को हायर सेंटर रेफर किया गया। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 27 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र में शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। लखनऊ-बनारस हाईवे पर रजिस्ट्री कार्यालय के सामने निर्माणाधीन एक व्यावसायिक भवन की करीब 90 फुट लंबी और 30 फुट चौड़ी स्लैब की शटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन मजदूरों की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। कई अन्य मजदूर भी घायल हुए हैं।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। करीब दो घंटे से अधिक समय तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मलबे में दबे सभी मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

स्लैब डालने के दौरान भरभराकर गिरी शटरिंग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माणाधीन भवन में लगभग 90 फुट लंबी और 30 फुट चौड़ी स्लैब डाली जा रही थी। मजदूर स्लैब पर लगातार निर्माण सामग्री पहुंचा रहे थे। इसी दौरान अधिक लोड पड़ने से शटरिंग की पूरी संरचना अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय कई मजदूर स्लैब और उसके नीचे काम कर रहे थे, जो देखते ही देखते मलबे में दब गए।
स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी।

दो घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम हैदरगढ़ राजेश विश्वकर्मा, सीओ समीर सिंह, पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाया गया।
करीब दो घंटे से अधिक समय तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैदरगढ़ पहुंचाया गया।

एक मजदूर की मौत, तीन की हालत गंभीर
हादसे में बद्दापुर मजरे तेजवापुर निवासी 55 वर्षीय नौशाद पुत्र इदरीस की उपचार के दौरान मौत हो गई। जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गए।
गंभीर रूप से घायल मजदूरों में शामिल हैं—
- भाईलाल (32 वर्ष), पुत्र श्यामलाल, निवासी ढकिया, थाना हैदरगढ़
- रामसुख (35 वर्ष), पुत्र चेतराम, निवासी ढकिया, थाना हैदरगढ़
- प्रदीप, पुत्र राम विशाल, निवासी धौरहरा, थाना हैदरगढ़
- सर्वेश, पुत्र रामसजीवन, निवासी गैरिया का पुरवा, थाना लोनीकटरा
जिसमें रामसुख पुत्र चेतराम, प्रदीप पुत्र रामविलास व एक अन्य मजदूर को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है।

मामूली रूप से घायल मजदूर
मामूली रूप से घायल होने वालों में—
- रामहेत, पुत्र चेतराम, निवासी ढकिया
- जमुना प्रसाद, पुत्र राम बहादुर, निवासी सराय चौबे
- मुकेश कुमार, पुत्र राम विशाल, निवासी रानापुर
- देशराज, पुत्र चंद्रिका प्रसाद, निवासी कान्हूपुर, थाना लोनीकटरा
इन सभी का उपचार सीएचसी हैदरगढ़ में चल रहा है।

हाईवे पर लगी भीड़, पुलिस ने संभाला मोर्चा
हादसे के बाद लखनऊ-बनारस हाईवे पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए हाईवे पर यातायात को नियंत्रित किया और बड़े वाहनों को लाइनबद्ध तरीके से निकलवाया।
घटनास्थल पर देर रात तक पुलिस और प्रशासन की टीमें मौजूद रहीं।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी स्लैब डाले जाने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी होनी चाहिए थी।
प्रारंभिक तौर पर शटरिंग पर अधिक भार पड़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
प्रशासन ने शुरू कराई जांच
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू करा दी है। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी भी विस्तृत जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











