बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर में सरयू नदी की तेज धारा से लगातार भूमि कटान हो रहा है। किसानों की जमीन बचाने के लिए ग्रामीणों ने SDM को ज्ञापन देकर तत्काल सुरक्षात्मक कार्य की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 08 अक्टूबर 2026
बाराबंकी जिले की सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी की तेज धारा से लगातार हो रहे भूमि कटान ने ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। नदी के कटान के चलते कृषि भूमि के नदी में समाहित होने का खतरा मंडरा रहा है। प्रभावित ग्रामीणों ने अब प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सुरक्षात्मक और अनुरक्षण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
बुधवार को ग्रामीणों ने किसान मोर्चा के जिला सोशल मीडिया प्रभारी नागेन्द्र प्रताप सिंह की अगुवाई में सिरौलीगौसपुर के उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने कटान प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कराने के साथ ही प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सुरक्षा कार्य कराने की मांग की।
सरयू के कटान से कृषि भूमि पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक सरयू नदी की तेज धारा के कारण सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के कई स्थानों पर लगातार मिट्टी का कटान हो रहा है। इससे किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि धीरे-धीरे नदी की धारा की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटान को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बड़ी मात्रा में कृषि भूमि नदी में समाहित हो सकती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ खेती पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
शेखपुर टुटुरु समेत कई गांव प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत शेखपुर टुटुरु, सिरौलीगुंग सहित आसपास के क्षेत्रों में सरयू नदी के कटान की समस्या बनी हुई है।
नदी की तेज धारा के कारण किनारे की जमीन लगातार कट रही है। ग्रामीणों के अनुसार नदी के बढ़ते कटान से खेतों की मेड़ और कृषि भूमि प्रभावित हो रही है।

SDM को सौंपे प्रार्थना पत्र में क्या मांग की गई?
ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में मांग की कि कटान प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और स्थिति का जायजा लेकर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने विशेष रूप से निम्न मांगें रखीं—
- कटान प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराया जाए।
- कृषि भूमि को बचाने के लिए अनुरक्षण कार्य कराया जाए।
- नदी के कटान को रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्य प्राथमिकता पर शुरू किए जाएं।
- प्रभावित गांवों और ग्रामीण आबादी की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए।
- किसानों की उपजाऊ भूमि को नदी में समाहित होने से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
नागेन्द्र प्रताप सिंह बोले- समय रहते ठोस कदम जरूरी
किसान मोर्चा के जिला सोशल मीडिया प्रभारी नागेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरयू नदी के कटान की समस्या गंभीर होती जा रही है। प्रशासन को समय रहते कटान प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल तत्काल राहत के बजाय ऐसे ठोस और स्थायी सुरक्षात्मक इंतजाम किए जाने की जरूरत है, जिससे किसानों की कृषि भूमि और ग्रामीण आबादी को भविष्य में भी सुरक्षित रखा जा सके।
ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई की मांग की
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए कटान प्रभावित क्षेत्रों का जल्द निरीक्षण कराया जाए और मौके की स्थिति के आधार पर सुरक्षा कार्य शुरू कराए जाएं।
ग्रामीणों का कहना है कि समय पर कार्रवाई होने से किसानों की जमीन और आसपास की आबादी को संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
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