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Barabanki: जनपद न्यायालय के रवैये पर भड़के अधिवक्ता, मनमानी और तानाशाही का लगाया आरोप; 6 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश का ऐलान

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बाराबंकी में कचहरी की व्यवस्थाओं को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने 6 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है। अधिवक्ताओं ने सफाई, पानी, बैठने और मरम्मत समेत कई समस्याएं उठाईं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 अक्टूबर 2026

बाराबंकी में कचहरी परिसर की व्यवस्थाओं और अधिवक्ताओं की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला बार एसोसिएशन बाराबंकी की ओर से जारी आवश्यक सूचना के अनुसार 6 अक्टूबर 2026 को जिले के समस्त अधिवक्ता सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।

एसोसिएशन का कहना है कि कचहरी परिसर में लंबे समय से कई समस्याएं बनी हुई हैं। इन समस्याओं को लेकर पूर्व में जनपद न्यायाधीश को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अधिवक्ता संघ के अनुसार अपेक्षित समाधान नहीं होने के चलते सामूहिक अवकाश का निर्णय लिया गया है।

कचहरी की व्यवस्थाओं को लेकर अधिवक्ताओं की कई शिकायतें

जिला बार एसोसिएशन के संयुक्त मंत्री प्रकाशन अमित सिंह सूर्यवंशी ने बताया कि एसोसिएशन की ओर से कचहरी परिसर से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को पहले ही जनपद न्यायाधीश के समक्ष रखा जा चुका है।

एसोसिएशन द्वारा बताई गई प्रमुख समस्याओं में गेट नंबर-01 से वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाना, टूटी हुई कुर्सियों और मेजों की मरम्मत तथा पुराने टीन शेड की मरम्मत की अनुमति नहीं दिया जाना शामिल है।

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गंदगी और शौचालय की स्थिति पर भी सवाल

बार एसोसिएशन के अनुसार न्यायालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। एसोसिएशन ने परिसर में गंदगी होने और शौचालयों की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं होने की बात कही है।

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इसके अलावा अधिवक्ताओं और वादकारियों के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का भी मुद्दा उठाया गया है।

अधिवक्ताओं और वादकारियों के बैठने की व्यवस्था का मुद्दा

एसोसिएशन ने न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के साथ-साथ वादकारियों के लिए भी समुचित बैठने की व्यवस्था नहीं होने की बात कही है।

बार एसोसिएशन का कहना है कि न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं को सम्मानजनक और सुविधाजनक कार्य-परिस्थितियां उपलब्ध कराने के लिए इन बुनियादी व्यवस्थाओं का बेहतर होना जरूरी है।

न्यायालय के रवैये का भी विरोध 

एसोसिएशन ने इन व्यवस्थागत समस्याओं के साथ जनपद न्यायालय के कथित मनमानी एवं तानाशाहीपूर्ण रवैये के विरोध को भी सामूहिक अवकाश के निर्णय का कारण बताया है।

6 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश का आह्वान

जिला बार एसोसिएशन ने अपने सभी अधिवक्ता सदस्यों से 6 अक्टूबर 2026 को सामूहिक अवकाश पर रहने की अपील की है।

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एसोसिएशन ने कहा है कि संगठन के सामूहिक निर्णय को सफल बनाने के लिए सभी अधिवक्ता एकजुट होकर निर्णय का पालन करें।

अधिवक्ता एकता और अनुशासन पर जोर

बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं से एकता, अनुशासन और संगठनात्मक निर्णयों की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया है। एसोसिएशन के अनुसार सामूहिक अवकाश का उद्देश्य अधिवक्ताओं की समस्याओं को सामने रखना और न्यायिक परिसर में बेहतर सुविधाएं तथा सम्मानजनक कार्य-परिस्थितियां सुनिश्चित कराना है।

जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी रहे मौजूद

जिला बार एसोसिएशन बाराबंकी की ओर से जारी सूचना के अनुसार इस निर्णय के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य मौजूद रहे।

इसमें जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामलाल द्विवेदी, महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलीप कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष प्रथम रामकुमार वर्मा, उपाध्यक्ष द्वितीय अंकुर यादव, कोषाध्यक्ष दौलता कुमारी, मंत्री प्रशासन प्रणय बाजपेई, मंत्री प्रकाशन अमित सिंह सूर्यवंशी और मंत्री पुस्तकालय रूबी सिंह शामिल रहे।

इसके अलावा वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य पंकज आनंद वर्मा, सतीश कुमार जायसवाल, रुद्र प्रताप सिंह वर्मा, रमाकांत शुक्ल, पूर्णिमा गुप्ता और सांत्वना सिंह वर्मा तथा कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य नितिन सिंह, अवध बिहारी यादव, सोनू कुमार वर्मा, मुकेश कुमार यादव, नमिता पंकज और अनीता सिंह समेत अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान की मांग

जिला बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि सामूहिक अवकाश का निर्णय अधिवक्ताओं की सुविधाओं, गरिमा और न्यायिक परिसर में बेहतर कार्य-परिस्थितियां सुनिश्चित कराने की दिशा में उठाया गया सामूहिक कदम है।

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अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि अधिवक्ता संघ की ओर से उठाई गई कचहरी परिसर की समस्याओं पर संबंधित स्तर से क्या कार्रवाई होती है और व्यवस्थाओं में कितना सुधार किया जाता है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

 

 

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