बाराबंकी में SDM गुंजिता अग्रवाल के निर्देश पर अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर।
ग्राम लक्षबर बजहा में श्री कैप एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड की अनधिकृत प्लाटिंग ध्वस्त, भूमाफियाओं और बिल्डरों में मचा हड़कंप।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 03 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले की सदर तहसील की कमान संभालने के बाद आईएएस अधिकारी एवं जॉइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी नवाबगंज गुंजिता अग्रवाल ने अवैध प्लाटिंग और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त अभियान छेड़ दिया है। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए और निर्धारित मानकों का पालन किए बिना विकसित की जा रही कॉलोनियों और प्लाटिंग पर प्रशासन का बुलडोजर चलना शुरू हो गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध प्लाटिंग करने वाले बिल्डरों और भूमाफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
बुधवार को एसडीएम गुंजिता अग्रवाल के निर्देश पर तहसील प्रशासन की टीम ने ग्राम लक्षबर बजहा में चल रही एक अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर से उसे ध्वस्त करा दिया। प्रशासन का कहना है कि संबंधित विकासकर्ता द्वारा बिना आवश्यक स्वीकृतियों के प्लाटिंग विकसित की जा रही थी, जो नियमों के विपरीत थी।
श्री कैप एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड की अनधिकृत प्लाटिंग पर कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार ग्राम लक्षबर बजहा स्थित गाटा संख्या 631, 653, 635 और 636 पर श्री कैप एसोसिएट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्लाटिंग का कार्य कराया जा रहा था। जांच में पाया गया कि उक्त प्लाटिंग के लिए आवश्यक मानचित्र स्वीकृति एवं अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया था।
एसडीएम गुंजिता अग्रवाल ने बताया कि अनधिकृत प्लाटिंग के संबंध में विकासकर्ता कंपनी के डायरेक्टर रजत कुमार श्रीवास्तव को नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बाद मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां सुनवाई के उपरांत ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया गया।
नोटिस के बावजूद नहीं हटाई गई अवैध प्लाटिंग
प्रशासन के अनुसार न्यायालय द्वारा आदेश पारित होने के बाद भी निर्धारित समयावधि के भीतर अवैध प्लाटिंग नहीं हटाई गई। इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की सहायता से पूरी अनधिकृत प्लाटिंग को ध्वस्त करा दिया।
कार्रवाई के दौरान राजस्व एवं पुलिस विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 161 के तहत हुई कार्रवाई
एसडीएम गुंजिता अग्रवाल ने बताया कि यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 161 के तहत की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों के की जा रही प्लाटिंग पूरी तरह अवैध है तथा ऐसे मामलों में प्रशासन भविष्य में भी कठोर कार्रवाई करेगा।
अवैध प्लाटिंग के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
उपजिलाधिकारी ने कहा कि तहसील क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग, सरकारी भूमि पर कब्जे और भू-उपयोग नियमों के उल्लंघन के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसे सभी मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति या संस्था बिना वैधानिक स्वीकृति के प्लाटिंग अथवा कॉलोनी विकसित करने का प्रयास न करे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी बुलडोजर कार्रवाई जारी रहेगी।
इन बिल्डरों की अवैध प्लाटिंग पर भी चल चुका है बुलडोजर
गौरतलब है कि यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पूर्व भी एसडीएम गुंजिता अग्रवाल के निर्देश पर तहसील क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाई की जा चुकी हैं। ग्राम सिपहिया की गाटा संख्या 1277 पर विकसित की जा रही एम.एस. ग्रीन सिटी की अनाधिकृत प्लाटिंग, ग्राम नानमऊ की गाटा संख्या 29, 35, 36, 39 एवं 41 पर स्टालिन इंफ्रा डेवलपर्स द्वारा की जा रही अवैध प्लाटिंग तथा ग्राम बड़ेल में समृद्धि इंफ्राटेक की अनियमित प्लाटिंग पर भी प्रशासन का बुलडोजर गरज चुका है।
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट संकेत मिला है कि तहसील प्रशासन बिना स्वीकृति और नियमों की अनदेखी कर विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। प्रशासन की सख्ती के चलते अवैध प्लाटिंग कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम नागरिक इस अभियान को भू-माफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
प्रशासन की सख्ती से बिल्डरों में बढ़ी बेचैनी
बाराबंकी में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई के बाद बिल्डरों और भू-माफियाओं में बेचैनी बढ़ गई है। प्रशासन के इस अभियान को आम नागरिकों द्वारा भी सकारात्मक कदम माना जा रहा है, क्योंकि इससे बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
















