Barabanki News: सुबेहा क्षेत्र स्थित प्राथमिक विद्यालय पट्टी में छात्रों के विवाद के दौरान छह वर्षीय मासूम पर कैरम बोर्ड से हमला कर दिया गया।
घायल बच्चे की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 16 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के अंदर बच्चों के बीच हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि एक छात्र ने अपने सहपाठी के सिर पर कैरम बोर्ड से हमला कर दिया, जिससे छह वर्षीय मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद घायल छात्र के परिजनों में आक्रोश फैल गया और मां ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
सरकारी विद्यालय के भीतर हुई इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राथमिक विद्यालय पट्टी में हुआ हादसा, कैरम बोर्ड से किया हमला
जानकारी के अनुसार घटना नगर पंचायत सुबेहा स्थित प्राथमिक विद्यालय पट्टी की है।
पीड़ित बच्चे की मां पूनम, निवासी पट्टी वार्ड, ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनका छह वर्षीय पुत्र हर्षित गुरुवार को रोज की तरह विद्यालय पढ़ने गया था। इसी दौरान विद्यालय में पढ़ने वाले एक नाबालिग सहपाठी छात्र ने उसे भद्दी भद्दी गालियां देकर जान से मारने की धमकी दी।
आरोप है कि इसी दौरान आरोपी नाबालिग ने कैरम बोर्ड उठाकर हर्षित के सिर पर दे मारा। वार इतना तेज था कि मासूम के सिर से खून बहने लगा और वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।
मां पूनम ने बताया इसकी सूचना मिलने पर वो आनन-फानन मौके पर पहुंची और हर्षित को स्थानीय सीएचसी ले जाकर उसका उपचार कराया। पूनम का आरोप है कि अस्पताल से घर आने के बाद हर्षित की हालत और बिगड़ गई, उसके पिशाब में खून आने के साथ ही पेट में दर्द भी शुरू हो गया।

पुरानी रंजिश का भी लगाया आरोप
पीड़िता पूनम ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाले रामशरण तिवारी से उनके परिवार की पहले से रंजिश चली आ रही है।
उनका कहना है कि घटना में शामिल आरोपी छात्र, रामशरण तिवारी का नाती है। ऐसे में उन्होंने इस घटना को केवल बच्चों का विवाद नहीं बल्कि पुरानी रंजिश से जोड़ते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
शिक्षक मौजूद होने के बावजूद नहीं हुआ बीच-बचाव?
घायल छात्र की मां का आरोप है कि घटना के समय विद्यालय में शिक्षक मौजूद थे, लेकिन किसी ने समय रहते बच्चों के बीच हो रहे विवाद को रोकने का प्रयास नहीं किया।
यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो विद्यालय प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ सकती है।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते बच्चों को अलग कर दिया जाता तो यह घटना टाली जा सकती थी।
घायल बच्चे का कराया गया उपचार
घटना के बाद घायल हर्षित को तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उसके सिर पर प्राथमिक उपचार किया गया।
परिजनों ने डायल-112 पुलिस को सूचना देने के साथ ही थाना सुबेहा में लिखित तहरीर देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
सुबेहा थाना प्रभारी निरीक्षक बेचू सिंह यादव ने बताया कि मामले की शिकायत प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
सरकारी विद्यालयों में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह सवाल खड़ा करती हैं कि:
- क्या विद्यालयों में बच्चों की पर्याप्त निगरानी हो रही है?
- क्या शिक्षकों द्वारा खेल और अवकाश के दौरान बच्चों पर नजर रखी जाती है?
- क्या बच्चों के बीच होने वाले विवादों को समय रहते रोका जा रहा है?
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित स्थान होने चाहिए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था जरूरी है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











