Barabanki News: कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मदर डेयरी बूथ पर एक्सपायरी छाछ बेचने का आरोप।
अधिवक्ता ने खोली पोल, FSDA कार्यालय से चंद कदम दूर बिक रही एक्सपायरी खाद्य सामग्री पर उठे गंभीर सवाल। पढ़ें पूरी खबर।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 16 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित मदर डेयरी बूथ पर ग्राहकों को कथित तौर पर एक्सपायरी डेट की छाछ बेचने का आरोप लगा है। मामला उस समय उजागर हुआ जब कलेक्ट्रेट परिसर में प्रैक्टिस करने वाले एक अधिवक्ता ने छाछ पीने के दौरान उसका स्वाद संदिग्ध पाया और पैकेट पर अंकित एक्सपायरी डेट देखी।
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस बूथ पर यह कथित लापरवाही सामने आई, वहां से महज कुछ कदम की दूरी पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) का जिला कार्यालय भी स्थित है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब विभाग अपने कार्यालय के आसपास ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं करा पा रहा है, तो पूरे जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का क्या हाल होगा?
कलेक्ट्रेट परिसर में अधिवक्ता को थमा दी एक्सपायरी छाछ
जानकारी के अनुसार गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कार्यरत कुछ अधिवक्ता गर्मी से राहत पाने के लिए परिसर में संचालित मदर डेयरी बूथ पर छाछ पीने पहुंचे।
आरोप है कि बूथ संचालक ने एक अधिवक्ता को 13 जुलाई 2026 को एक्सपायर हो चुकी छाछ बेच दी।
छाछ पीते समय स्वाद कुछ अलग महसूस होने पर अधिवक्ता ने पैकेट की एक्सपायरी डेट देखी तो उनके होश उड़ गए। पैकेट पर स्पष्ट रूप से अंकित था कि उत्पाद की वैधता दो दिन पहले ही समाप्त हो चुकी थी।

बूथ संचालक की सफाई- “लड़के से गलती हो गई“
जब अधिवक्ता ने एक्सपायरी उत्पाद बेचने पर बूथ संचालक से आपत्ति जताई तो उसने बहाना बनाते हुए कहा कि—
“दुकान में काम करने वाले लड़के से गलती से एक्सपायरी छाछ दे दी गई।”
हालांकि अधिवक्ता इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। उनका कहना है कि यदि कलेक्ट्रेट परिसर जैसे संवेदनशील स्थान पर अधिवक्ताओं और अधिकारियों को एक्सपायरी खाद्य सामग्री बेची जा रही है, तो आम उपभोक्ताओं के साथ क्या हो रहा होगा, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।
अधिवक्ताओं ने की एफआईआर और सख्त कार्रवाई की मांग
अधिवक्ता ने संबंधित बूथ संचालक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग की है।
साथ ही उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि—
- कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित सभी खाद्य एवं पेय पदार्थों की दुकानों की जांच कराई जाए।
- एक्सपायरी एवं मानकविहीन खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
- नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
FSDA कार्यालय से चंद कदम दूर बिक रही एक्सपायरी सामग्री!
इस पूरे मामले ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिस विभाग की जिम्मेदारी पूरे जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी करना है, उसके कार्यालय से कुछ ही दूरी पर यदि एक्सपायरी खाद्य सामग्री खुलेआम बिक रही है तो यह विभागीय निगरानी पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभागीय कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। उनका कहना है कि समय-समय पर छापेमारी तो होती है, लेकिन उसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देता।
खाद्य सुरक्षा नियम क्या कहते हैं?
खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार—
- एक्सपायरी डेट के बाद किसी भी खाद्य पदार्थ की बिक्री प्रतिबंधित है।
- ऐसा करना उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाता है।
- दोषी पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई तक की जा सकती है।
उपभोक्ताओं से अपील
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी पैक्ड खाद्य सामग्री को खरीदने या सेवन करने से पहले उसकी निर्माण तिथि (MFG) और एक्सपायरी डेट (EXP) अवश्य जांचें। किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग या जिला प्रशासन को सूचना दें।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












