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बाराबंकी में जन आरोग्य मेले की खुली पोल: कहीं डॉक्टर नदारद तो कहीं लैब टेक्नीशियन गायब, मरीज करते रहे इंतजार

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बाराबंकी के स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में अव्यवस्थाओं के आरोप सामने आए।

टीकरामन में 11:30 बजे तक स्वास्थ्यकर्मी नहीं पहुंचे, सुबेहा में लैब टेक्नीशियन समेत स्टाफ नदारद रहा।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 27 सितंबर 2026

बाराबंकी जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। जिले के अलग-अलग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निरीक्षण के दौरान कहीं निर्धारित समय तक डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी नजर नहीं आए तो कहीं लैब टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ की गैरमौजूदगी सामने आई।

स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज, जांच और दवा की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को कई जगह इंतजार करना पड़ा। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला जन आरोग्य मेला कुछ स्थानों पर व्यवस्थागत खामियों के चलते महज औपचारिकता बनता नजर आया।

पीएचसी टीकरामन में साढ़े 11 बजे तक नहीं पहुंचे स्वास्थ्यकर्मी

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टीकरामन में रविवार को जन आरोग्य मेले के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहद खराब नजर आई। बताया गया कि सुबह करीब 11:30 बजे तक अस्पताल में कोई स्वास्थ्यकर्मी नहीं पहुंचा था।

अस्पताल में दवा लेने पहुंचे मरीजों को काफी देर तक स्वास्थ्यकर्मियों के आने का इंतजार करना पड़ा। दवा लेने पहुंचे मरीज ब्रजेश ने बताया कि वह अस्पताल दवा लेने आए थे, लेकिन काफी देर तक डॉक्टर के नहीं आने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ा।

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जन आरोग्य मेले के दौरान स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को समय से उपचार और दवा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।

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पीएचसी सुबेहा में डॉक्टर मिले मौजूद, मरीजों का किया उपचार

वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुबेहा में दोपहर करीब 12:45 बजे लगभग 16 मरीज उपचार और दवा लेने के लिए पहुंचे थे। यहां चिकित्सक डॉ. विवेक कुमार मरीजों की जांच करते और उन्हें आवश्यक दवाएं देते हुए मिले।

चिकित्सक के अनुसार जन आरोग्य मेले में पहुंचे मरीजों में बुखार, जुकाम, त्वचा संबंधी समस्याओं, जोड़ और पीठ दर्द से पीड़ित मरीज शामिल थे। मरीजों की जांच के बाद उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं।

इस दौरान स्वीपर सुरेश कुमार भी स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग करते नजर आए।

लैब टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ की गैरमौजूदगी पर सवाल

पीएचसी सुबेहा में जहां चिकित्सक मरीजों का उपचार करते मिले, वहीं लैब टेक्नीशियन समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी नहीं रही।

इससे जन आरोग्य मेले के दौरान उपलब्ध कराई जाने वाली जांच और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए। मेले का उद्देश्य मरीजों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन स्टाफ की गैरमौजूदगी से इन सेवाओं की उपलब्धता प्रभावित होने की बात सामने आई।

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स्थानीय स्तर पर लैब टेक्नीशियन के अक्सर अनुपस्थित रहने की शिकायतें भी सामने आने की बात कही जा रही है।

कर्मचारियों की गैरमौजूदगी पर जिम्मेदारी तय करने की मांग

स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की गैरमौजूदगी को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि संबंधित कर्मचारियों की अनुपस्थिति की जानकारी होने के बावजूद जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है।

यदि स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक और जरूरी स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं रहेंगे तो ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी होना स्वाभाविक है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने स्वास्थ्य केंद्रों पर कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति और मरीजों को नियमित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है।

हालांकि, कर्मचारियों की गैरमौजूदगी और अधिकारियों द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोपों पर संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।

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जन आरोग्य मेले का उद्देश्य क्या है?

मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच, उपचार, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराना है।

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ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और अन्य जरूरी स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। यदि मेले के दौरान ही मरीजों को जांच और उपचार के लिए इंतजार करना पड़े, तो आयोजन के उद्देश्य और जमीनी व्यवस्था के बीच अंतर साफ दिखाई देता है।

चिकित्सा प्रभारी से संपर्क का प्रयास, नहीं हो सका संपर्क

मामले को लेकर चिकित्सा प्रभारी डॉ. जयशंकर पांडेय से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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