बाराबंकी के रामनगर ब्लॉक की बेरिया ग्राम पंचायत में इंटरलॉकिंग मार्ग निर्माण में पक्षपात का आरोप लगा है। ग्रामीण ने ग्राम प्रधान के खिलाफ SDM से शिकायत की, BDO को जांच के निर्देश दिए गए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 अक्टूबर 2026
बाराबंकी जिले के रामनगर विकासखंड की ग्राम पंचायत बेरिया में इंटरलॉकिंग मार्ग के निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। गांव निवासी ज्ञान प्रकाश ने ग्राम प्रधान राहुल वर्मा पर चुनावी रंजिश के चलते पक्षपातपूर्ण तरीके से इंटरलॉकिंग मार्ग का निर्माण कराने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि सार्वजनिक रास्ते पर पड़ोसी द्वारा बनाए गए चबूतरे के कारण पहले ही रास्ता संकरा है और इंटरलॉकिंग निर्माण के दौरान भी समस्या का समाधान नहीं किया गया।
मामले को लेकर ज्ञान प्रकाश ने एसडीएम रामनगर को शिकायती पत्र देकर रास्ते की समस्या का समाधान कराने और मामले में कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर एसडीएम ने खंड विकास अधिकारी (BDO) को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
छह फीट के सार्वजनिक रास्ते पर तीन फीट का चबूतरा
ग्राम पंचायत बेरिया निवासी ज्ञान प्रकाश के अनुसार उनके घर के सामने करीब छह फीट चौड़ा सार्वजनिक रास्ता है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले सीताराम ने सार्वजनिक रास्ते पर करीब तीन फीट का चबूतरा बना रखा है।
ज्ञान प्रकाश का कहना है कि चबूतरा बने होने के कारण रास्ते की वास्तविक चौड़ाई काफी कम हो गई है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है और दोपहिया तथा तीनपहिया वाहनों के निकलने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
रास्ता संकरा होने से ग्रामीणों को परेशानी का दावा
शिकायतकर्ता के मुताबिक रास्ता गांव के लोगों के आवागमन के लिए इस्तेमाल होता है। चबूतरे के कारण रास्ता संकरा होने से रोजाना आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है।
उनका आरोप है कि समस्या की जानकारी होने के बावजूद रास्ते को पूरी चौड़ाई में सुगम बनाने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

करीब 50 मीटर रास्ते पर लगाई गई इंटरलॉकिंग
ज्ञान प्रकाश के मुताबिक ग्राम पंचायत के वर्तमान प्रधान राहुल वर्मा ने करीब दो वर्ष पहले उक्त रास्ते पर इंटरलॉकिंग का काम कराया था। यह इंटरलॉकिंग अनिल कुमार के घर से मुख्य मार्ग तक करीब 50 मीटर की दूरी में लगाई गई।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इंटरलॉकिंग निर्माण के दौरान उसके घर के सामने करीब छह फीट चौड़ाई में इंटरलॉकिंग लगाई गई, लेकिन जहां पड़ोसी सीताराम का चबूतरा बना हुआ है, वहां रास्ते को पूरी चौड़ाई में विकसित करने के बजाय करीब तीन फीट की जगह छोड़ दी गई।

शिकायतकर्ता ने निर्माण में असमानता का आरोप लगाया
ज्ञान प्रकाश का कहना है कि यदि सार्वजनिक रास्ते से चबूतरा हटवा दिया जाता तो पूरे रास्ते को समान चौड़ाई में इंटरलॉकिंग कराकर ग्रामीणों के आवागमन को बेहतर बनाया जा सकता था।
इसी को लेकर उन्होंने ग्राम प्रधान के सामने आपत्ति जताई और रास्ते की समस्या का समाधान कराने की मांग की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसकी आपत्ति पर समस्या का समाधान नहीं किया गया।
शिकायत करने पर दबाव बनाने का भी आरोप
शिकायतकर्ता ज्ञान प्रकाश ने ग्राम प्रधान पर कथित रूप से दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। उनका दावा है कि निर्माण कार्य में असमानता का विरोध करने पर ग्राम प्रधान की ओर से कथित तौर पर कहा गया—
“जहां जाना हो जाओ, शिकायत करना हो कर दो। हम चबूतरे को नहीं हटवाएंगे।”
ग्राम प्रधान से सुनवाई न होने पर SDM से शिकायत
ज्ञान प्रकाश के अनुसार उन्होंने पहले ग्राम प्रधान के स्तर पर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया, लेकिन जब उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली तो उन्होंने एसडीएम रामनगर के समक्ष शिकायती पत्र दिया।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि सार्वजनिक रास्ते की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और रास्ते पर बने चबूतरे तथा इंटरलॉकिंग निर्माण को लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो।
SDM ने BDO को जांच के निर्देश दिए
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम रामनगर ने खंड विकास अधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इंटरलॉकिंग निर्माण में निर्धारित मानकों और प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं तथा सार्वजनिक रास्ते पर बने चबूतरे के संबंध में नियमानुसार क्या कार्रवाई की जानी है।
जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच के निर्देश दिए जाने से अब ग्रामीणों की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर है। शिकायतकर्ता को उम्मीद है कि जांच के बाद सार्वजनिक रास्ते की समस्या का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
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