बाराबंकी के हैदरगढ़ के रेहुरा गांव में आवास योजना का लाभ नहीं मिलने के बीच गरीब परिवार का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। लेखपाल सर्वे कर रहे हैं, पात्र मिलने पर दैवीय आपदा के तहत आवास का लाभ दिलाने का आश्वासन।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 04 अक्टूबर 2026
सरकार की ओर से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना संचालित की जा रही हैं। इसके बावजूद पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिलने में आ रही दिक्कतों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत रेहुरा में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। यहां कुलसुम पत्नी अरमान पिछले कई वर्षों से कच्चे मकान में रहकर परिवार का गुजर-बसर कर रही थीं। परिवार को अब तक आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका था।
शनिवार को अचानक उनका कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि मकान गिरने के समय परिवार के सदस्य उसकी चपेट में नहीं आए, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। मकान गिरने के बाद परिवार के सामने अब रहने के लिए छत का संकट खड़ा हो गया है।
कई वर्षों से कच्चे मकान में रह रहा था परिवार
रेहुरा गांव निवासी कुलसुम पत्नी अरमान का परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में रह रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि सरकारी आवास योजना के तहत उन्हें पक्का मकान बनाने के लिए सहायता मिलेगी, लेकिन अब तक योजना का लाभ नहीं मिल सका।
परिवार का कहना है कि कच्चा मकान पहले से ही जर्जर स्थिति में था। शनिवार को अचानक मकान का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया, जिससे परिवार की मुश्किलें और बढ़ गईं।
मकान गिरने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ी समस्या रहने के लिए सुरक्षित जगह की है। पीड़ित परिवार अब प्रशासन से सरकारी सहायता मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।

हो सकता था बड़ा हादसा
मकान गिरने की घटना के दौरान परिवार के सदस्य मौजूद नहीं थे। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।
अगर मकान गिरने के समय परिवार के लोग उसके अंदर मौजूद होते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना के बाद आसपास के लोगों ने भी परिवार की स्थिति को लेकर चिंता जताई है।
हादसे के बाद टूटी राजस्व विभाग की नींद
मामले की जानकारी मिलने के बाद राजस्व विभाग की ओर से परिवार के घर का सर्वे कराया जा रहा है।
क्षेत्रीय लेखपाल जेलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार के घर का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर उपजिलाधिकारी हैदरगढ़ को भेजी जाएगी। इसके आधार पर नियमानुसार पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
पात्रता सूची में नाम क्यों नहीं आया, इसकी होगी जांच
मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी हैदरगढ़ ने कहा कि यह जांच कराई जाएगी कि पात्रता सूची में परिवार का नाम क्यों नहीं भेजा गया।
उन्होंने बताया कि जांच के बाद यदि परिवार आवास योजना के लिए पात्र पाया जाता है तो दैवीय आपदा के तहत आवास का लाभ दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
इससे अब पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि जांच के बाद उसे सरकारी आवास या नियमानुसार सहायता मिल सकेगी।
कच्चा मकान गिरने के बाद बढ़ी परिवार की मुश्किलें
सरकारी आवास का इंतजार कर रहे परिवार का कच्चा मकान अब गिर चुका है। ऐसे में परिवार के सामने रहने के लिए सुरक्षित छत की तत्काल जरूरत है।
मामला सामने आने के बाद अब देखना होगा कि सर्वे रिपोर्ट में परिवार की स्थिति क्या सामने आती है और प्रशासन की ओर से उसे किस तरह की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों तक आवास योजनाओं का लाभ पहुंचाने और पात्रता सूची को समय-समय पर अपडेट करने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद
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