Barabanki

बाराबंकी में भीषण आग से तबाही: छप्पर नुमा घर जलकर राख, 17 बकरियां जिंदा जलीं, दो घंटे देरी से पहुंची दमकल 

SHARE:

बाराबंकी के घुघंटेर थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव में देर रात छप्पर नुमा घर में भीषण आग लगने से 17 बकरियां जिंदा जल गईं।

घर में रखा अनाज, कपड़े और घरेलू सामान भी जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने दमकल विभाग पर देरी का आरोप लगाया।

Barabanki

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 26 मई 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के घुघंटेर थाना क्षेत्र अंतर्गत हाजीपुर गांव में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से भारी तबाही मच गई। तेज हवा और आंधी के बीच गांव निवासी राम दुलारे रावत के छप्पर नुमा कच्चे घर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि छप्पर के नीचे बंधी 17 बकरियां जिंदा जलकर मर गईं, जबकि घर में रखा अनाज, कपड़े और अन्य घरेलू सामान भी राख हो गया।

घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

बिजली कटौती और भीषण गर्मी के बीच हुआ हादसा

पीड़ित राम दुलारे रावत ने बताया कि सोमवार रात बिजली आपूर्ति बाधित थी और अत्यधिक गर्मी के कारण पूरा परिवार खाना खाने के बाद घर के बाहर सो रहा था। रात करीब 12 बजे अचानक शोरगुल सुनाई दिया। जब नींद खुली तो देखा कि छप्पर नुमा घर से आग की ऊंची लपटें निकल रही थीं।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी के श्री साईं हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत: पित्त की पथरी के ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, पहले भी अस्पताल पर लग चुके हैं गंभीर आरोप

उन्होंने बताया कि आग देखते ही परिवार और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लोग मदद के लिए दौड़ पड़े, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई।

ग्रामीणों ने पंपिंग सेट और इंजन से बुझाई आग

घटना की जानकारी मिलते ही गांव के काफी लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने पंपिंग सेट और इंजन की मदद से किसी तरह आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।

ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद दमकल विभाग की गाड़ी करीब दो घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। लोगों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती तो काफी नुकसान बचाया जा सकता था।

हालांकि ग्रामीणों के प्रयास से आग पर किसी तरह काबू पाया गया, लेकिन तब तक छप्पर के नीचे बंधी बकरियां और घर का सामान पूरी तरह जल चुका था।

गेहूं, चावल, कपड़े और घरेलू सामान भी जलकर राख

आगजनी की इस घटना में घर में रखा गेहूं, चावल, सरसों, कपड़े, अलमारी, बक्सा और अन्य जरूरी घरेलू सामान भी जलकर राख हो गया। पीड़ित परिवार के सामने अब रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।

यह भी पढ़ें  Barabanki News: पेड़ पर लटका मिला युवक का शव, गांव की महिला से थे अवैध संबंध; हत्या की आशंका से इलाक़े में फैली सनसनी

ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।

पुलिस बोली — अज्ञात कारणों से लगी आग

घुघंटेर थाना प्रभारी अभय कुमार मौर्य ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि छप्पर नुमा कच्चा घर पूरी तरह जल गया है और लगभग 15 से 17 बकरियां व घरेलू सामान नष्ट हो गया है।

उन्होंने कहा कि घटना में किसी व्यक्ति की जान का नुकसान नहीं हुआ है और मामले की जांच की जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की

घटना के बाद गांव में भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की। लोगों का कहना है कि राम दुलारे रावत का परिवार बकरी पालन और मजदूरी के सहारे जीवनयापन करता है। आग में बकरियों की मौत और घर का सामान जल जाने से परिवार पूरी तरह बर्बाद हो गया है।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप: प्रशासनिक टीम के जाते ही दबंगों का हमला, पिता-पुत्र लहूलुहान

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को राहत सामग्री, आवास सहायता और पशुधन हानि का मुआवजा उपलब्ध कराने की अपील की है।

गर्मी और आंधी के मौसम में बढ़ रहे आगजनी के मामले

गर्मी, तेज हवाओं और बिजली कटौती के बीच ग्रामीण इलाकों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छप्पर और कच्चे मकानों में मामूली चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांवों में फायर सेफ्टी व्यवस्था मजबूत करने और दमकल विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की है।

रिपोर्ट – ललित राजवंशी 

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

22873
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?