Barabanki News: बाराबंकी के निंदूरा ब्लॉक में कई इंडिया मार्का हैंडपंप महीनों से खराब होने का आरोप है।
शिकायतों के बावजूद मरम्मत नहीं होने से ग्रामीण दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 18 अगस्त 2026
बाराबंकी के निंदूरा ब्लॉक में पेयजल व्यवस्था को लेकर सरकारी दावों की पोल खोलने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में इंडिया मार्का हैंडपंप महीनों से खराब पड़े हैं, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद उन्हें ठीक कराने या रिबोर कराने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।
हालात ऐसे हैं कि जिन हैंडपंपों से ग्रामीणों को घर के आसपास ही पीने का पानी मिलना चाहिए था, वे लंबे समय से ठप पड़े हैं। मजबूरी में ग्रामीणों को एक से दो किलोमीटर दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि खराब हैंडपंपों की जानकारी ग्राम पंचायत स्तर से लेकर ब्लॉक और जल निगम के अधिकारियों तक पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन शिकायतें मानो सरकारी फाइलों में ही दम तोड़ रही हैं।
जमुवां से निंदूरा तक खराब पड़े हैंडपंप, ग्रामीण परेशान
जानकारी के अनुसार, जमुवां ग्राम पंचायत के बाहर पारा में रमेश, प्यारेलाल और रामकुमार ढोड़वा के घरों के बाहर लगे इंडिया मार्का हैंडपंप लंबे समय से खराब हैं।
इसी तरह निंदूरा, वल्लीपुर और प्राथमिक विद्यालय सरैया में भी पेयजल के स्रोत खराब होने की बात सामने आई है।
इन स्थानों पर हैंडपंप खराब होने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

स्कूल में भी पेयजल स्रोत ठप
प्राथमिक विद्यालय सरैया में पेयजल स्रोत के खराब होने की शिकायत ने व्यवस्था पर और बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। विद्यालय में बच्चों के लिए स्वच्छ और आसानी से उपलब्ध पेयजल बेहद जरूरी है, लेकिन पानी का स्रोत ही खराब पड़ा होने से बच्चों और विद्यालय स्टाफ को परेशानी उठानी पड़ सकती है।

बार-बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई मरम्मत या रिबोर
ग्रामीणों का आरोप है कि खराब हैंडपंपों की जानकारी ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से कई बार खंड विकास अधिकारी कार्यालय को दी गई।
इसके अलावा जल निगम के जिला स्तरीय अधिकारियों को भी पत्र भेजकर समस्या से अवगत कराया गया। इसके बावजूद ग्रामीणों के मुताबिक अभी तक खराब पड़े हैंडपंपों में न तो आवश्यक मरम्मत कराई गई और न ही जरूरत वाले स्थानों पर रिबोर कराया गया।

‘फाइल आगे बढ़ाने’ के आश्वासन के बाद भी धरातल पर काम नहीं
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कमलेश यादव का कहना है कि अधिकारियों को समस्या के बारे में कई बार बताया गया।
उनका आरोप है कि हर बार फाइल आगे बढ़ाने और कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन मौके पर काम दिखाई नहीं देता।
कमलेश यादव के मुताबिक, गर्मी और पेयजल संकट के बीच ग्रामीणों को मजबूरी में दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप- अफसरों तक पहुंची शिकायत, फिर भी समस्या जस की तस
ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी उन्हें लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब खराब हैंडपंपों की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंच चुकी है तो महीनों बाद भी उनकी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई?
ग्रामीणों ने अब ब्लॉक स्तर की व्यवस्था से निराश होकर जिलाधिकारी बाराबंकी को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

डीएम से उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि निंदूरा ब्लॉक की पेयजल व्यवस्था की जांच कराई जाए और लंबे समय से खराब पड़े सभी हैंडपंपों की सूची तैयार कराकर उनकी तत्काल मरम्मत अथवा रिबोर कराया जाए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यदि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

BDO, सचिव और जल निगम के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की जांच के बाद यदि लापरवाही सामने आती है तो खंड विकास अधिकारी, संबंधित ग्राम पंचायत सचिव और जल निगम के जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जाए।
साथ ही सभी खराब हैंडपंपों को तत्काल चालू कराने की मांग की गई है, ताकि ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर नहीं जाना पड़े।

BDO से पक्ष जानने का प्रयास, नहीं उठा फ़ोन
मामले में खंड विकास अधिकारी निंदूरा अमन कुमार वर्मा का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव न करने के चलते उनसे संपर्क नहीं हो सका।
सवाल जो व्यवस्था से जवाब मांगते हैं
- महीनों से खराब हैंडपंपों की शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
- ग्राम पंचायत स्तर से सूचना मिलने के बाद भी मरम्मत या रिबोर में देरी क्यों?
- प्राथमिक विद्यालय में पेयजल स्रोत खराब है तो बच्चों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या है?
- ग्रामीणों को 1-2 किलोमीटर दूर से पानी लाने की नौबत क्यों आई?
क्या खराब हैंडपंपों की निगरानी और मरम्मत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?
पेयजल कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं बल्कि ग्रामीणों की मूलभूत जरूरत है। ऐसे में निंदूरा ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में लंबे समय से खराब पड़े हैंडपंपों की शिकायतें यदि सही हैं तो यह केवल एक हैंडपंप की खराबी का मामला नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर पेयजल व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद














