Barabanki News: बाराबंकी के सुबेहा के पूरे गुमान कोलवा में जमीन विवाद में बुजुर्ग की मौत के बाद शव गांव पहुंचते ही आक्रोश भड़क गया।
परिजनों ने अंतिम संस्कार रोका और पुलिस पर आरोपियों की आवभगत का आरोप लगाया।
सांसद तनुज पुनिया व सपा नेताओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 17 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सुबेहा थाना क्षेत्र के पूरे गुमान कोलवा गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक वारदात के बाद सोमवार को हालात उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गए, जब पोस्टमार्टम के बाद 70 वर्षीय शमशेर अली का शव गांव पहुंचा। बुजुर्ग की मौत से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया।
परिजनों ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी, आर्थिक सहायता और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मृतक पक्ष की ओर से पुलिस पर गिरफ्तार आरोपियों को थाने में बैठाकर उनकी ‘आवभगत’ करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए।
पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचा तो फूट पड़ा गुस्सा
रविवार को पूरे गुमान कोलवा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। पीड़ित पक्ष के मुताबिक, घर के सामने की जमीन को लेकर विवाद के दौरान ठाकुर बिरादरी के दबंगों द्वारा महिलाओं और युवतियों सहित कई लोगों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई और एक महिला समेत चार लोगों को ट्रैक्टर से कुचल दिया गया। घटना में गंभीर रूप से घायल 70 वर्षीय शमशेर अली की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब शमशेर अली का शव गांव पहुंचा तो परिवार में मातम के साथ आक्रोश भी फैल गया। परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से रोक दिया।
उनका कहना था कि आरोपियों द्वारा 70 वर्षीय बुजुर्ग को दिनदहाड़े ट्रैक्टर से कुचलने के बाद लाठी डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या की गई है। ऐसे में जब तक घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

‘पहले बुलडोजर कार्रवाई, फिर अंतिम संस्कार’—मांगों पर अड़े परिजन
शमशेर अली के परिजनों ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई।
परिजनों ने आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई और घटना में शामिल लोगों के एनकाउंटर की मांग भी रखी। ये मांगें कानूनी कार्रवाई की मांग के साथ परिवार के आक्रोश को दर्शाती हैं।
कई घंटे तक गांव में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तथा परिजनों के बीच बातचीत होती रही। अधिकारियों ने परिवार को निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।

पुलिस पर ‘आवभगत’ का आरोप, परिवार ने उठाए गंभीर सवाल
इस पूरे मामले में मृतक परिवार की नाराजगी का सबसे बड़ा केंद्र स्थानीय पुलिस की कार्यशैली बनी हुई है।
परिजनों का आरोप है कि जमीन विवाद को लेकर पहले भी पुलिस को शिकायत दी गई थी। विवाद को लेकर थाने में पंचायत होने की बात भी परिवार की ओर से कही गई है। उनका दावा है कि यदि उस समय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी कार्रवाई की होती तो विवाद इतना नहीं बढ़ता।
अब घटना के बाद परिवार का आरोप है कि पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा तो किया है, लेकिन घटना में शामिल सभी आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
परिजनों ने इससे भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के बजाय थाने में उनकी ‘आवभगत’ की जा रही है।
मृतक के परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस आरोपियों के प्रति नरमी बरतेगी तो पीड़ित परिवार को न्याय कैसे मिलेगा।

सपा सांसद तनुज पुनिया ने कहा—‘यह सरेआम गुंडागर्दी है’
घटना की गंभीरता को देखते हुए बाराबंकी सांसद तनुज पुनिया भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
उन्होंने घटना को बेहद गंभीर और दुखद बताते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। सांसद ने कहा कि जिस तरह लोगों को घेरकर मारपीट किए जाने की बात सामने आई है और महिलाओं व बच्चियों तक के शरीर पर चोट के निशान हैं, वह सामान्य विवाद नहीं बल्कि गंभीर हिंसा का मामला है।
तनुज पुनिया ने कहा कि दिनदहाड़े इस तरह की घटना होना इस बात की ओर इशारा करता है कि आरोपियों में कानून का भय नहीं था।
उन्होंने पीड़ित परिवार की मांगों को गंभीरता से लेने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
सांसद ने बुलडोजर कार्रवाई की मांग का भी जिक्र करते हुए कहा कि सरकार कई मामलों में बुलडोजर कार्रवाई करती है। ऐसे में इतनी गंभीर घटना को अंजाम देने वालों के खिलाफ भी कानून के दायरे में कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि वह उनके साथ खड़े हैं और न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाते रहेंगे।
पूर्व विधायक राममगन रावत ने भी पुलिस और कानून-व्यवस्था पर उठाया सवाल
सपा के पूर्व विधायक राममगन रावत ने भी घटना को लेकर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह जमीन विवाद ने हिंसक रूप लिया और एक बुजुर्ग की जान चली गई, उससे यह साफ है कि मामले को लेकर पहले से मौजूद तनाव को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था।
पूर्व विधायक ने कहा कि यदि किसी विवाद को लेकर पहले से शिकायतें पुलिस के पास पहुंच रही थीं और उसके बावजूद स्थिति बिगड़कर इतनी भयावह हो गई, तो यह जांच का विषय है कि समय रहते विवाद को रोकने के लिए पुलिस ने क्या प्रभावी कदम उठाए थे।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा तभी होगा, जब घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई होगी।

सपा नेता गौतम रावत ने कहा—वीडियो में दिख रही तस्वीरें चिंता बढ़ाने वाली
सपा नेता गौतम रावत ने भी घटना को लेकर सरकार और पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार प्रदेश से गुंडाराज खत्म होने और कानून-व्यवस्था मजबूत होने के दावे करती है, लेकिन पूरे गुमान कोलवा की घटना से जुड़े बताए जा रहे वीडियो में जिस तरह बुजुर्गों, महिलाओं और युवतियों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट दिखाई देने की बात सामने आ रही है, वह बेहद चिंताजनक है।
गौतम रावत ने कहा कि यदि आम लोगों के बीच इस तरह हिंसा होती है और लोगों को कानून का भय नहीं रहता तो यह प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि घटना में शामिल प्रत्येक आरोपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोष साबित होने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लोगों का कानून पर भरोसा कायम रहे।
पुलिस का दावा—चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
वहीं क्षेत्राधिकारी हैदरगढ़ समीर कुमार सिंह ने आक्रोशित परिजनों को भरोसा दिलाया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, मामले में मुकदमा दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
सीओ ने कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

गांव में भारी पुलिस बल तैनात, तनाव पर प्रशासन की नजर
बुजुर्ग की मौत और शव पहुंचने के बाद पैदा हुए आक्रोश को देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस की मौजूदगी के चलते गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी तरह की दोबारा हिंसा या तनाव की स्थिति पैदा न हो।
अब इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या पुलिस घटना में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंच पाएगी? क्या पहले से चले आ रहे जमीन विवाद की शिकायतों की भी जांच होगी? और मृतक परिवार द्वारा पुलिस की कार्यशैली को लेकर लगाए गए गंभीर आरोपों पर प्रशासन क्या जवाब देगा?
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













