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बाराबंकी में झोलाछाप का ‘इंजेक्शन कांड’: डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत, तीन अन्य बच्चे गंभीर हालत में रेफर

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बाराबंकी के हैदरगढ़ में झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन के बाद डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत हो गई।

एक ही परिवार के तीन अन्य बच्चों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया।

पुलिस ने आरोपी झोलाछाप को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 28 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र में एक झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के दौरान डेढ़ वर्षीय मासूम की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन लगाए जाने के तुरंत बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। वहीं, उसी परिवार के तीन अन्य बच्चों की हालत भी गंभीर हो गई, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

एक सप्ताह से थे दाने, झोलाछाप डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे थे परिजन

जानकारी के अनुसार, हैदरगढ़ कस्बे के लोहिया वार्ड निवासी कल्लू के चार बच्चे—हसनैन (डेढ़ वर्ष), मारिया (डेढ़ वर्ष), तमन्ना (8 वर्ष) और साजिद (4 वर्ष)—पिछले लगभग एक सप्ताह से शरीर पर दाने निकलने की समस्या से परेशान थे। इलाज के लिए परिजन उन्हें ठाकुरद्वारा वार्ड स्थित कथित झोलाछाप डॉक्टर जगमोहन गुप्ता के पास लेकर पहुंचे।

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परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चों को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही डेढ़ वर्षीय हसनैन अचानक बेसुध होकर सो गया, जबकि उसकी जुड़वां बहन मारिया को लगातार उल्टियां होने लगीं। इसके बाद अन्य दोनों बच्चों की तबीयत भी तेजी से बिगड़ने लगी।

अस्पताल पहुंचते ही मासूम को मृत घोषित किया गया

चारों बच्चों की हालत बिगड़ती देख परिजन तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ लेकर पहुंचे। वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद हसनैन को मृत घोषित कर दिया, जबकि मारिया, तमन्ना और साजिद की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

बताया जा रहा है कि तीनों बच्चों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।

परिजनों ने लगाया गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप

मासूम की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। उन्होंने कथित झोलाछाप डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण ही बच्चों की हालत बिगड़ी और हसनैन की मौत हुई। परिजनों ने दोषी डॉक्टर के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी झोलाछाप को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही या अवैध रूप से इलाज करने के तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीएचसी अधीक्षक बोले जांच के बाद होगी कार्रवाई 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैदरगढ़ के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जयशंकर पांडेय ने बताया कि चार बच्चों को इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाए गए थे। इनमें से डेढ़ वर्षीय हसनैन की मौत हो गई, जबकि अन्य तीन बच्चों को अस्पताल लाया गया। उन्होंने बताया कि दो बच्चों का उपचार सीएचसी हैदरगढ़ में जारी है और उनकी हालत में सुधार हो रहा है, जबकि एक बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

डॉ. जयशंकर पांडेय ने यह भी बताया कि प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि जिस व्यक्ति ने बच्चों का इलाज किया, उसके पास चिकित्सकीय डिग्री नहीं है और वह बिना वैध योग्यता के इलाज कर रहा था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित झोलाछाप के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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झोलाछाप डॉक्टरों पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर बाराबंकी जिले में धड़ल्ले से संचालित हो रहे झोलाछाप डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में जिले में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें कथित डॉक्टरों के इलाज के दौरान मरीजों की मौत या तबीयत बिगड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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