Barabanki News: बाराबंकी के नगर कोतवाली क्षेत्र में स्कूल से घर लौट रही 10 वर्षीय छात्रा पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया।
कुत्तों के हमले में बच्ची के पैर पर पांच गहरे घाव आए।
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार दोपहर स्कूल से घर लौट रही कक्षा 5 की 10 वर्षीय मासूम छात्रा पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची के पैर को बुरी तरह नोच डाला, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाकर बच्ची की जान बचाई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत और नगर पालिका प्रशासन के प्रति लोगों में भारी आक्रोश है।
ऑटो से उतरते ही मासूम पर टूट पड़ा आवारा कुत्तों का झुंड
नगर कोतवाली क्षेत्र के सत्यप्रेमी नगर, राजकमल टॉकीज के बगल स्थित गली निवासी मोहम्मद काशिफ़ ने बताया कि उनकी 10 वर्षीय बेटी अनाविया काशिफ़ शहर के सेंट एंथोनी स्कूल में कक्षा 5 की छात्रा है।
बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे स्कूल की छुट्टी के बाद उनके 75 वर्षीय पिता ऑटो से अनाविया और उसके छोटे भाई मोहम्मद हुसैन, जो उसी स्कूल में कक्षा 3 का छात्र है, को लेकर घर लौट रहे थे।
राजकमल टॉकीज के पास ऑटो से उतरकर जैसे ही बच्चे अपने दादा के साथ गली में पहुंचे, वहां पहले से मौजूद आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक अनाविया पर हमला बोल दिया।

दादा के पहुंचने से पहले पांच जगह बुरी तरह नोच डाला पैर
बताया जा रहा है कि दोनों बच्चों के स्कूल बैग लेकर पीछे चल रहे बुजुर्ग दादा जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक कुत्ते अनाविया के दाहिने पैर पर पांच जगह गहरे घाव कर चुके थे। सड़क पर गिरने से उसके चेहरे पर भी गहरा घाव बन गया।
मासूम की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और काफी मशक्कत के बाद कुत्तों को वहां से भगाया। इसके बाद परिजन गंभीर रूप से घायल बच्ची को शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका इलाज चल रहा है।

पहले भी कई लोगों को बना चुके हैं निशाना
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी इलाके में घूमने वाला आवारा कुत्तों का यह झुंड पहले भी कई राहगीरों और बच्चों पर हमला कर चुका है।
ग्रामीणों और मोहल्लेवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर पालिका प्रशासन से शिकायत की, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। नतीजतन आए दिन लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।
नगर पालिका की लापरवाही पर फूटा लोगों का गुस्सा
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवारा कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई की जाती, तो मासूम बच्ची इस दर्दनाक हादसे का शिकार नहीं होती।
लोगों ने मांग की है कि नगर पालिका तत्काल विशेष अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़वाए और बच्चों व आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
लगातार बढ़ रहा आवारा कुत्तों का खतरा
बाराबंकी शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब गंभीर समस्या बन चुकी है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












