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Barabanki News: लाखों खर्च, फिर भी झाड़ियों से पटी पड़ी है माइनर! अधिशासी अभियंता से शिकायत बेअसर, भाकियू ने दी नहर विभाग घेराव की चेतावनी

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Barabanki News: बाराबंकी के सुबेहा–शरीफाबाद माइनर में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल रहा।

भाकियू ने नहर विभाग पर खानापूर्ति का आरोप लगाते हुए 18 अगस्त तक जलापूर्ति बहाल न होने पर घेराव और धरने की चेतावनी दी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 05 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के खेतों तक समय पर सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए हर वर्ष नहरों की सफाई पर लाखों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन बाराबंकी जिले में विभागीय लापरवाही के चलते सरकारी दावे दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। शारदा सहायक खंड हैदरगढ़ के अंतर्गत आने वाली सुबेहा–शरीफाबाद माइनर की बदहाल स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद न तो माइनर की समुचित सफाई हुई और न ही टेल तक पानी पहुंच सका। नतीजतन धान की फसल सिंचाई के अभाव में सूखने लगी है।

सफाई पर लाखों खर्च, फिर भी झाड़ियों से पटी पड़ी है माइनर

स्थानीय किसानों का कहना है कि सुबेहा–शरीफाबाद माइनर की सफाई केवल कागजों में कराई गई। वास्तविकता यह है कि माइनर आज भी कई स्थानों पर झाड़ियों, घास और झंखाड़ से भरी हुई है। जल निकासी का रास्ता बाधित होने से नहर का पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहा है।

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किसानों का आरोप है कि सरकारी धन खर्च होने के बावजूद सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और इसका सीधा नुकसान खेतों में खड़ी धान की फसल को उठाना पड़ रहा है।

भाकियू बोली- खानापूर्ति कर बंद कर दिया पानी

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिला उपाध्यक्ष रामबरन यादव ने आरोप लगाया कि विभाग ने माइनर की सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की है।

उन्होंने बताया कि किसानों को राहत देने के लिए माइनर में केवल एक-दो दिन नाममात्र का पानी छोड़ा गया, जिसके बाद जलापूर्ति बंद कर दी गई। जबकि इस समय धान की फसल को लगातार सिंचाई की आवश्यकता है।

गेट पर मिट्टी डालकर रोक दिया जल प्रवाह, सूखने लगी फसल

किसानों का आरोप है कि माइनर के गेट पर मिट्टी डालकर जल प्रवाह भी बाधित कर दिया गया है। इससे खेतों तक पानी पहुंचना पूरी तरह बंद हो गया है और धान की फसल तेजी से प्रभावित हो रही है।

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ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

अधिशासी अभियंता से शिकायत बेअसर, अब डीएम से लगाई गुहार

भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर अधिशासी अभियंता, शारदा सहायक खंड हैदरगढ़ से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

इसके बाद संगठन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर माइनर में तत्काल जल प्रवाह बहाल करने और किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की मांग की है।

18 अगस्त तक समाधान नहीं हुआ तो होगा नहर विभाग का घेराव

भारतीय किसान यूनियन ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 18 अगस्त 2026 तक सुबेहा–शरीफाबाद माइनर में जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो किसान हैदरगढ़ स्थित नहर विभाग कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

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किसानों का कहना है कि अब वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे और अपनी फसल बचाने के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हैं।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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