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Barabanki: अधिवक्ता की सीट पर तोड़फोड़ और आगजनी करने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज

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Barabanki: टोल कर्मियों की जमानत याचिका पर सिविल कोर्ट में बवाल, नाराज़ अधिवक्ताओं ने फूंक दिया पैरवी करने वाले वकील का तख्त और कुर्सी

Barabanki: हैदरगढ़ के बारा टोल प्लाजा विवाद में नया मोड़।

अधिवक्ता की सीट पर तोड़फोड़ और आगजनी करने वाले अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज।

पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 11 अप्रैल 2026

जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित बारा टोल प्लाजा पर अधिवक्ता से मारपीट का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सुप्रीम कोर्ट की नाराज़गी के बाद अब आरोपियों की जमानत याचिका दाखिल करने वाले वकील के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनकी सीट पर तोड़फोड़ और फर्नीचर को आग के हवाले करने वाले अधिवक्ताओं पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।

14 जनवरी की घटना से शुरू हुआ विवाद

यह पूरा मामला 14 जनवरी 2026 का है, जब टोल टैक्स को लेकर हुए विवाद में टोल कर्मियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता रत्नेश कुमार शुक्ला के साथ मारपीट की थी।

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इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद प्रदेश भर में अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया था।

पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर 5 नामजद और 7 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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जमानत याचिका पर भड़का अधिवक्ता समुदाय

5 फरवरी 2026 को जेल में बंद आरोपियों की ओर से एसीजेएम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई।
जैसे ही यह जानकारी मिली कि अधिवक्ता मनोज कुमार शुक्ला ने आरोपियों की पैरवी के लिए वकालतनामा दाखिल किया है, अधिवक्ताओं में रोष फैल गया।

हालांकि, कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी, लेकिन इसके बावजूद गुस्साए अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कोर्ट परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी

आक्रोशित अधिवक्ताओं ने नारेबाजी करते हुए संबंधित वकील की सीट पर पहुंचकर तख्त, कुर्सियां और अन्य फर्नीचर तोड़ दिए और उन्हें आग के हवाले कर दिया।

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हालांकि, कुछ वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने हस्तक्षेप कर फाइलों को जलने से बचाया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने जताई सख्त नाराज़गी

मामला जब Supreme Court of India पहुंचा, तो शीर्ष अदालत ने अधिवक्ताओं के इस कृत्य पर कड़ी नाराज़गी जाहिर की।

सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ आरोपियों की जमानत मंजूर की, बल्कि आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल अधिवक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

अब अज्ञात अधिवक्ताओं पर दर्ज हुआ केस

इस घटना के करीब दो महीने बाद, 9 अप्रैल 2026 को नगर कोतवाली बाराबंकी में अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह के अनुसार, घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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बड़ा सवाल—कानून के रक्षक ही कटघरे में?

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—
क्या कानून की रक्षा करने वाले ही अगर कानून हाथ में लें, तो व्यवस्था कैसे कायम रहेगी?

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद

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Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

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