बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर दबंगों पर महिलाओं के साथ मारपीट, कपड़े फाड़ने और छेड़छाड़ का आरोप लगा है।
पीड़िता ने चौकी और थाने से न्याय न मिलने का भी आरोप लगाया है।
घटना ने भाजपा सरकार के ‘नारी वंदन’ अभियान और महिला सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 25 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र के कटरा गांव में जमीन विवाद को लेकर दबंगों द्वारा एक परिवार पर हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना में महिलाओं के साथ कथित तौर पर मारपीट, कपड़े फाड़ने और छेड़छाड़ किए जाने के आरोप लगे हैं। इस घटना ने प्रदेश में महिला सुरक्षा और भाजपा सरकार के ‘नारी वंदन’ अभियान के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि दबंग देर रात घर में घुस आए और पूरे परिवार पर हमला बोल दिया। महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया और उनके साथ अभद्रता की गई।
“बाल पकड़कर घसीटा, कपड़े फाड़े” — पीड़िता का आरोप
पीड़िता के अनुसार सिराजुद्दीन, मेराजुद्दीन, कमालुद्दीन, मुसीर, महफूज, नसीम बाबू समेत कई लोग एक राय होकर सोमवार देर रात उनके घर पहुंचे और हमला कर दिया।
आरोप है कि हमलावरों ने घर में घुसकर जमकर मारपीट की। इस दौरान ताजुद्दीन पुत्र नेहरूद्दीन, आफरीन बानो, स्वालिहा बानो, नाज बानो, नरगिस और नियाजुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए।
पीड़िता का आरोप है कि दबंगों ने महिलाओं के कपड़े तक फाड़ दिए, उनके साथ छेड़छाड़ की और बाल पकड़कर घसीटते हुए बेरहमी से मारपीट की।
जमीन की पैमाइश को लेकर भड़का विवाद
परिवार के मुताबिक विवाद की जड़ जमीन का पुराना मामला है। आरोप है कि विपक्षी पक्ष को शक था कि परिवार का युवक जमीन की पैमाइश कराने गया था। इसी बात से नाराज होकर करीब आधा दर्जन लोग रात में घर पर हमला करने पहुंच गए।
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार दहशत में है और आरोपियों से जान का खतरा बता रहा है।
“चौकी से भगाया, थाने में गाली देकर निकाला” — पीड़िता
पीड़िता ने स्थानीय पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब वह शिकायत लेकर त्रिलोकपुर चौकी पहुंचीं तो वहां से उन्हें भगा दिया गया। इसके बाद मसौली थाने पहुंचने पर भी उन्हें न्याय नहीं मिला।
पीड़िता का आरोप है कि थाना प्रभारी ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए उन्हें थाने से बाहर कर दिया।
इन आरोपों के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे।
‘नारी वंदन’ और महिला सुरक्षा के दावों पर उठे सवाल
भाजपा सरकार लगातार महिला सम्मान और सुरक्षा को लेकर ‘नारी वंदन’ जैसे अभियानों का प्रचार कर रही है। लेकिन बाराबंकी की यह घटना जमीनी हकीकत को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब महिलाओं को घर में घुसकर पीटा जाए, कपड़े फाड़े जाएं और शिकायत लेकर पहुंचने पर पुलिस ही सुनवाई न करे, तो महिला सुरक्षा के दावे खोखले नजर आते हैं।
पीड़ित परिवार ने कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और निष्पक्ष जांच कराने की भी अपील की है।
फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और लोग पुलिस की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान















