बाराबंकी के नगर कोतवाली क्षेत्र में एक नवविवाहिता ने पति, सास, ससुर और जेठ पर दहेज के लिए प्रताड़ना, मारपीट और छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
पीड़िता ने पुलिस पर भी तहरीर बदलवाने का आरोप लगाया। मामले की जांच जारी है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 24 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न, मारपीट और छेड़छाड़ का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक नवविवाहिता ने अपने पति, सास, ससुर, जेठ और अन्य ससुरालीजनों पर दहेज की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि उसे कई दिनों तक मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जबकि पुलिस ने उसकी मूल शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय दूसरी तहरीर लिखवाने का प्रयास किया। मामले को लेकर अब पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है।
शादी के दो माह बाद शुरू हुई दहेज की मांग, नवविवाहिता ने लगाए गंभीर आरोप
नगर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता के अनुसार उसका निकाह लगभग दो माह पूर्व शुक्लई गांव निवासी वसीम पुत्र अब्दुल अजीज के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने एसी, गाड़ी और प्लॉट की मांग शुरू कर दी।
जब उसने अपने माता-पिता की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए दहेज की मांग पूरी करने में असमर्थता जताई, तो पति, सास, ससुर, जेठ और अन्य परिजनों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़िता का कहना है कि कई बार उसके साथ मारपीट की गई और मानसिक दबाव बनाया गया।
“कमरे में रस्सी से बांधकर पीटा”, जेठ पर छेड़छाड़ का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 22 जून से 23 जून की सुबह तक उसे एक कमरे में रस्सी से बांधकर रखा गया और पूरे परिवार ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। उसने दावा किया कि इस दौरान उसे गंभीर चोटें आईं।
प्राइवेट पार्ट पर हाथ लगाने का आरोप
नवविवाहिता ने अपने जेठ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मारपीट के दौरान उसने उसके साथ छेड़छाड़ की और उसके निजी अंगों को गलत तरीके से छुआ। पीड़िता का कहना है कि यह घटना उसके लिए बेहद अपमानजनक और मानसिक रूप से आघात पहुंचाने वाली रही।
“ससुराल वालों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की”
पीड़िता का आरोप है कि जब वह किसी तरह ससुराल वालों के चंगुल से निकलकर अपने परिजनों तक पहुंची और उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी, तब ससुराल पक्ष ने मामले को प्रभावित करने के उद्देश्य से खुद ही यूपी-112 पर कॉल कर पुलिस को अपनी तरफ से सूचना दी, ताकि वास्तविक घटनाक्रम छिपाया जा सके।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
मामले में पीड़िता ने नगर कोतवाली पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उसका आरोप है कि उसकी मां द्वारा दी गई मूल तहरीर पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने दूसरी तहरीर लिखवाने का प्रयास किया।
“मेरी असली शिकायत पर दर्ज हो मुकदमा”
पीड़िता का कहना है कि उसने जो मूल प्रार्थना पत्र दिया है, उसी के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। लेकिन पुलिस केवल जांच की बात कर रही है और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मेडिकल परीक्षण और निष्पक्ष जांच की मांग
नवविवाहिता ने प्रशासन से मांग की है कि उसका मेडिकल परीक्षण कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़िता ने दहेज उत्पीड़न, मारपीट, अवैध रूप से बंधक बनाने और छेड़छाड़ के आरोपों की गंभीरता से जांच कराने की अपील की है।
पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई
वहीं पुलिस का कहना है कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











