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बाराबंकी में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के दौरान अधेड़ की मौत, ग्लूकोज चढ़ते ही बिगड़ी हालत; स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

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बाराबंकी के जहांगीराबाद क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के दौरान 50 वर्षीय रामानंद की संदिग्ध मौत हो गई।

ग्लूकोज और इंजेक्शन लगने के बाद हालत बिगड़ी। आरोपी डॉक्टर फरार, पुलिस जांच में जुटी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 24 जून 2026

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में धड़ल्ले से संचालित हो रहे झोलाछाप डॉक्टर और अवैध क्लीनिक आम लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। ताजा मामला जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के बनवा गांव से सामने आया है, जहां एक कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के दौरान 50 वर्षीय अधेड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी डॉक्टर क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पेट दर्द और उल्टी की शिकायत पर इलाज कराने पहुंचे थे 

जानकारी के अनुसार जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव निवासी रामानंद पुत्र रामचंद्र (50 वर्ष) को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी। परिजन उन्हें इलाज के लिए बनवा गांव स्थित एक निजी क्लीनिक पर लेकर पहुंचे, जहां कथित झोलाछाप डॉक्टर लाल मोहम्मद मरीजों का इलाज कर रहा था।

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परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने रामानंद को ग्लूकोज चढ़ाया और उसी दौरान दो इंजेक्शन भी लगाए। इंजेक्शन लगने और ग्लूकोज चढ़ने के कुछ ही देर बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ने लगी।

ग्लूकोज चढ़ते ही मुंह से निकलने लगा झाग, मौके पर हुई मौत

परिजनों के मुताबिक उपचार के दौरान रामानंद के मुंह से झाग निकलने लगा और उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। इससे पहले कि उन्हें किसी बड़े अस्पताल ले जाया जाता, उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

अचानक हुई मौत से क्लीनिक पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि गलत इलाज और बिना पर्याप्त चिकित्सीय योग्यता के उपचार के कारण रामानंद की जान चली गई।

घटना के बाद क्लीनिक छोड़कर फरार हुआ आरोपी

मृत्यु की सूचना फैलते ही कथित झोलाछाप डॉक्टर लाल मोहम्मद मौके से फरार हो गया। उसके फरार होने से ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया।

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परिजनों और ग्रामीणों ने किया हंगामा, गिरफ्तारी की मांग

घटना से नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का आरोप था कि जिले में बड़ी संख्या में झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम मरीजों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने के बजाय आंखें मूंदे बैठा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की जाती तो शायद यह घटना नहीं होती।

तीन बेटे और दो बेटियों को छोड़ गए रामानंद

मृतक रामानंद अपने पीछे तीन बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं। परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।

स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

इस घटना के बाद एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बिना डिग्री और बिना पंजीकरण वाले कई लोग क्लीनिक चलाकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार विभाग की अनदेखी और संरक्षण के चलते ऐसे अवैध क्लीनिक फल-फूल रहे हैं।

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पुलिस ने शुरू की जांच

थाना प्रभारी राम प्रकाश मिश्रा ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। आरोपी झोलाछाप डॉक्टर मौके से फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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