Barabanki: सिख काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में खालसा सृजना दिवस (बैसाखी पर्व) धूमधाम से मनाया गया।
कार्यक्रम में रागी जत्था द्वारा कीर्तन, 21 प्रबुद्धजनों का सम्मान और कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 14 अप्रैल 2026
सिख काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में खालसा सृजना दिवस (बैसाखी पर्व) शहर में बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का आयोजन शहर के एक निजी लॉन में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
रागी जत्था ने किया कीर्तन, श्रद्धालु हुए भावविभोर
कार्यक्रम में हजूरी रागी जत्था के रूप में ज्ञानी तीरथ सिंह, ज्ञानी धर्मवीर सिंह और राजेन्द्र सिंह ने गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत किया।
उनके मुखारविंद से निकले शब्दों का श्रवण कर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए।

मुख्य अतिथि का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व एमएलसी राजेश यादव राजू (Rajesh Yadav Raju) उपस्थित रहे।
इस दौरान पूर्व प्रधान सरदार स्वर्ण सिंह द्वारा उन्हें अंगवस्त्र और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया।
21 प्रबुद्धजनों को किया गया सम्मानित
बैसाखी पर्व के अवसर पर समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 21 प्रबुद्धजनों को सम्मानित किया गया।

विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को मिला सम्मान
सम्मानित लोगों में चिकित्सक, अधिवक्ता, समाजसेवी, पत्रकार और शिक्षाविद शामिल रहे। प्रमुख रूप से:
- डॉ. संदीप बुधवार
- डॉ. रोहित अग्रवाल
- अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन
- शाहीन अख्तर
- आशिया खातून
- रविंदर कौर
- सरदार त्रिपत सिंह
- मंहत बी.पी. दास
- तारिख खान
- शिवम सिंह
- अरविंद सिंह ‘गुरु जी’
- के.एम. चतुर्वेदी
- पुलिस उपाधीक्षक भूपेंद्र सिन्हा
समेत 21 लोगों को अंगवस्त्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में शहर के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें सरदार भूपिंदर पाल सिंह शैंकी (संचालक), सरदार जितेंद्र सिंह, अमरीक सिंह, नरेंद्र सिंह निंदी, जसबीर सिंह, कंवर सिंह, प्रत्युष कांत शुक्ला, आसिफ अहमद खान, अमरजीत सिंह, हरविंदर सिंह, गुरमीत सिंह, शैलेन्द्र चोपड़ा, विजय प्रताप सिंह सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।
सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से समाज में भाईचारा, एकता और सांस्कृतिक समरसता का संदेश दिया गया। बैसाखी पर्व के इस आयोजन ने बाराबंकी में सामाजिक सौहार्द और धार्मिक उत्साह को और मजबूत किया।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद












