बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र में मोहर्रम पोस्टर लगाने के दौरान विवाद का वीडियो वायरल।
युवक ने दरोगा पर अभद्रता और अपमानजनक भाषा के प्रयोग का आरोप लगाया।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज, निष्पक्ष जांच की मांग।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 22 जून 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र में मोहर्रम के पोस्टर लगाने के दौरान हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक युवक मसौली थाने में तैनात दरोगा पर अभद्र व्यवहार और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
मोहर्रम पोस्टर लगाने के दौरान हुआ विवाद, युवक ने लगाए गंभीर आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मसौली थाना क्षेत्र के भूलीगंज चौराहे पर मोहर्रम के पोस्टर लगाए जा रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर पुलिस और स्थानीय युवकों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ एकत्र हो गई।
वायरल वीडियो में एक युवक पुलिस कर्मियों के सामने खड़ा होकर अपनी नाराजगी व्यक्त करता नजर आ रहा है। युवक का आरोप है कि वह मोहर्रम के पोस्टर लगा रहा था, इसी दौरान दरोगा अभय गुप्ता ने उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और सार्वजनिक रूप से उसका अपमान किया। वीडियो में युवक यह कहते सुनाई दे रहा है कि इन्हें गवर्नमेंट ने हमारे टैक्स पर रखा है और ये हमे ही गाली दे रहे हैं।
युवक वीडियो में भावुक होकर यह सवाल भी उठाता दिखाई देता है कि आखिर उसका कसूर क्या है। उसने कहा कि क्या केवल दाढ़ी और टोपी पहनना ही उसकी गलती है।

वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में बढ़ी चर्चा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक दरोगा और तीन पुलिसकर्मी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। वहीं चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद नजर आ रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के दौरान काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा और मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति देखी गई।
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग पुलिस के कथित व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
धार्मिक आयोजनों में संवेदनशीलता बरतने की उठी मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों और पर्व-त्योहारों के दौरान प्रशासन को विशेष संवेदनशीलता और संयम के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद या तनाव उत्पन्न न हो। लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष जांच कराना आवश्यक है।
पुलिस की ओर से अभी तक नहीं आया आधिकारिक बयान
घटना का वीडियो वायरल होने और युवक द्वारा लगाए गए आरोपों के बावजूद पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











