Barabanki

Barabanki: हल्का सिपाही के करीबी खनन माफिया पर लाखों रुपए की सिल्ट बेचने का आरोप, वीडियो वायरल होने के बावजूद कार्रवाई शून्य…Video

SHARE:

Barabanki: बड्डूपुर थाना क्षेत्र में हल्का सिपाही के करीबी खनन माफिया पर परवारभारी माइनर से लाखों रुपए की सिल्ट बेचने का आरोप लगा है।

सिंचाई विभाग की लापरवाही से सरकार को लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

ग्रामीणों ने तहसील दिवस में शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की।

Barabanki

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 22 फरवरी 2026

बाराबंकी जिले के बड्डूपुर थाना क्षेत्र में सिंचाई विभाग की लापरवाही और अवैध खनन का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि परवारभारी माइनर की सफाई के बाद निकली सिल्ट को नियमों के विरुद्ध जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली से उठाकर बेच दिया गया, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है।

 

400 मीटर पटरी से उठाई गई सिल्ट, भारी मशीनों का इस्तेमाल

ग्रामीणों के अनुसार, पिपरौली गांव के पास परवारभारी माइनर की पटरी के किनारे पड़ी सिल्ट को करीब 400 मीटर लंबाई में दो अलग-अलग स्थानों से उठाया गया।

यह भी पढ़ें  Barabanki: अवैध पेड़ कटान की शिकायत पर वन माफियाओं ने युवक को पीटा, जान से मारने दी धमकी; वीडियो साक्ष्य के बावजूद कार्रवाई शून्य...Video

आरोप है कि यह कार्य खुलेआम जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना विभागीय अनुमति इस तरह सरकारी संपत्ति को हटाना और बेचना गंभीर अनियमितता है।

विभागीय प्रक्रिया की अनदेखी का आरोप

जानकारी के मुताबिक, माइनर की सफाई के बाद निकली सिल्ट को नियमानुसार विभागीय प्रक्रिया के तहत निस्तारित या उपयोग में लाया जाना चाहिए था। लेकिन आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते इसे निजी लाभ के लिए बेच दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर मशीनों से कार्य होने के बावजूद संबंधित विभाग को भनक न लगना सवाल खड़े करता है।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी में महिला की संदिग्ध मौत: कमरे में फंदे से लटका मिला शव, मायके पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप

तहसील दिवस में शिकायत, जांच की मांग

मामले को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने तहसील दिवस में शिकायत दर्ज कराते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में जब जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वहीं, सिल्ट उठाने का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की चर्चा है, जिससे विभागीय दावों पर सवाल उठ रहे हैं।

प्रशासनिक चुप्पी से बढ़ा अविश्वास

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निगरानी की जाती तो सरकारी संपत्ति की इस तरह कथित लूट संभव नहीं होती।

अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि क्या इस मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या प्रकरण फाइलों में दबकर रह जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।

यह भी पढ़ें  बाराबंकी अग्निकांड: राख हुए आशियानों के बीच पहुंचे DM ईशान प्रताप सिंह, पीड़ित परिवारों को दी आर्थिक सहायता

रिपोर्ट – ललित राजवंशी

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

5805
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई