Barabanki

Barabanki: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप, मुख्य न्यायाधीश से न्यायिक आयोग से जांच की मांग

SHARE:

Barabanki: ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को फर्जी आपराधिक मामले में फंसाने का आरोप लगाया गया है।

इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स के सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर न्यायिक आयोग से जांच की मांग की है।

Barabanki

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 23 फरवरी 2026

ज्योतिषमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को कथित रूप से राजनीतिक साजिश के तहत फर्जी आपराधिक वाद में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स शंकराचार्य के समर्थन में मैदान में कूद पड़ा है। एसोसिएशन के सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

मुख्य न्यायाधीश को भेजा गया पत्र

रणधीर सिंह सुमन, सदस्य कार्यकारिणी, इंडियन एसोसिएशन ऑफ लॉयर्स ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि शंकराचार्य के ख़िलाफ़ एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर के माध्यम से फर्जी साक्ष्य तैयार कर उन्हें उत्पीड़ित करने की कोशिश की जा रही है।

यह भी पढ़ें  Barabanki News: प्राचीन शिव मंदिर पर अवैध कब्जे का प्रयास, हिंदूवादी संगठनों में उबाल, कार्रवाई को मांग को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

पत्र में यह भी कहा गया है कि यह पूरा प्रकरण राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया जा रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

रामजन्मभूमि और माघ मेले को लेकर उठाए गए सवाल

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संघ द्वारा ट्रस्ट बनाकर राम जन्मभूमि मंदिर पर कब्जा किया जा चुका है, पार्टी विशेष के वोट सृजन का केन्द्र हिन्दुओं की भावनाओं को उग्र कर किया जा रहा है, इस राजनीतिक उपयोग के बाद संघ सनातनी हिन्दुओं के प्रमुख स्थानों को कब्जा कर लेने की नियत से षडयंत्र कर रहा है और जो सनातनी हिन्दू धर्मगुरू इस षड्यंत्र का विरोध करता है उसको सरकारी मशीनरी के शह पर ब्लैकमेलिंग कर अपने पक्ष में करने की कोशिश की जा रही है,

यह भी पढ़ें  Barabanki News: महिला किसान नेता की ईंट से सिर कुचलकर हत्या, गदिया गांव के बाहर नहर किनारे मिला शव; जांच में जुटी पुलिस

साथ ही, शंकराचार्य द्वारा प्रयागराज में आयोजित माघ मेले के दौरान अव्यवस्थाओं को लेकर उठाए गए सवालों के बाद यह विवाद सामने आया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि विरोध की आवाज दबाने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।

न्यायिक आयोग गठित करने की मांग

रणधीर सिंह सुमन ने मुख्य न्यायाधीश से पूरे प्रकरण की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित करने की मांग की है, ताकि तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो सके और सत्य सामने आ सके।

हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया आना शेष है। प्रशासनिक स्तर पर भी अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

मामले ने पकड़ा तूल, राजनीतिक हलकों में चर्चा

धार्मिक और राजनीतिक परिपेक्ष्य में उठे इस विवाद ने क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को जन्म दिया है। अब देखना यह होगा कि न्यायिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और आरोपों की सच्चाई क्या सामने आती है।

यह भी पढ़ें  Barabanki: जिला अस्पताल को मिली बड़ी सौगात, DM ने किया नव निर्मित पंजीकरण भवन व जन औषधि केंद्र का उद्घाटन

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

1552
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?