बाराबंकी में संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है।
SDM आनंद तिवारी ने राहत एवं बचाव तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
83 नावें, SDRF टीम, फ्लड PAC और 9 राहत शिविर तैयार किए गए हैं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 10 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। सरयू नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि और बाढ़ की आशंका को देखते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) आनंद तिवारी ने तहसीलदार विपुल कुमार की उपस्थिति में तहसील सभागार में राहत एवं बचाव तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन, पंचायत एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील गांवों में की जा रही तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त रखी जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
संवेदनशील गांवों पर रहेगी कड़ी निगरानी, लेखपाल और पंचायत सचिव रहेंगे फील्ड में सक्रिय
एसडीएम आनंद तिवारी ने बैठक में राजस्व निरीक्षकों, लेखपालों और पंचायत सचिवों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते रहें और बाढ़ की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखें। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति की सूचना तत्काल तहसील कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
उन्होंने संवेदनशील गांवों में नाव, राहत सामग्री, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित आश्रय स्थलों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग को भी किया गया अलर्ट
बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. प्रणव कुमार श्रीवास्तव तथा सीएचसी सूरतगंज के अधीक्षक डॉ. राजर्षि त्रिपाठी को निर्देश दिए गए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए पर्याप्त दवाएं, चिकित्सकीय टीमें और एंबुलेंस पहले से तैयार रखी जाएं।
वहीं पशु चिकित्सा विभाग को पशुओं के लिए आवश्यक दवाएं, टीकाकरण और चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। एडीओ पंचायत एवं पंचायत सचिवों को गांवों में साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम, हैंडपंपों की स्वच्छता तथा राहत शिविरों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीणों को जागरूक करने के भी निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
एसडीएम आनंद तिवारी ने ग्राम प्रशासकों को निर्देश दिया कि ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए तथा प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में राजस्व निरीक्षक अनिल कुमार श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं राजस्व कर्मी उपस्थित रहे।
83 नावें, SDRF, फ्लड PAC और 9 राहत शिविर पूरी तरह तैयार
संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। ग्राम भिटौली, हेतमापुर सामुदायिक केंद्र और लोहटी जेई परिसर में तीन प्रमुख बाढ़ राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा बाढ़ चौकियों और संवेदनशील क्षेत्रों में 83 नावों की व्यवस्था की गई है तथा होमगार्ड जवानों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है।
राहत कार्यों के संचालन के लिए 108 नाविक और 22 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए गए हैं। प्रशासन के अनुसार सरयू नदी के किनारे स्थित करीब 25 गांवों के 40 मजरे बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक फ्लड पीएसी (PAC) कंपनी, एसडीआरएफ (SDRF) की एक टीम मोटरबोट के साथ तथा 9 राहत शिविर पूरी तरह तैयार रखे गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
सरयू नदी किनारे प्रशासन की चौकसी बढ़ी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरयू नदी के किनारे बसे गांवों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। जलस्तर में किसी भी प्रकार के बदलाव पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए सभी संसाधन पहले से तैयार रखे गए हैं।
रिपोर्ट – निरंकार त्रिवेदी











