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बाराबंकी में महिला सिपाही की मौत से सनसनी: तलवारबाजी में जीत चुकी थीं कई मेडल; सुसाइड नोट में लिखा- “मेरी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं”

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बाराबंकी की पीएसी 10वीं वाहिनी में तैनात महिला मुख्य आरक्षी शिल्पी यादव का शव सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला।

मौके से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी है।

शिल्पी यूपी पुलिस की राष्ट्रीय स्तर की तलवारबाज खिलाड़ी भी थीं।

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बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 13 मई 2026

बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र स्थित पीएसी 10वीं वाहिनी परिसर में मंगलवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब एक महिला मुख्य आरक्षी का शव उनके सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय (Arpit Vijayvargiya) और अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) विकास चंद्र त्रिपाठी (Vikas Chandra Tripathi) पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

अभ्यास के लिए मैदान नहीं पहुंचीं तो साथियों ने तोड़ा दरवाजा

जानकारी के अनुसार, कमिश्नरेट कानपुर में तैनात मुख्य आरक्षी शिल्पी यादव (Shilpi Yadav) तलवारबाजी (फेंसिंग) की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी थी। पिछले कुछ महीनों से बाराबंकी स्थित पीएसी 10वीं वाहिनी परिसर में रहकर अपनी टीम के साथ नियमित अभ्यास कर रही थीं। मंगलवार शाम जब वह अभ्यास के लिए मैदान में नहीं पहुंचीं तो साथी खिलाड़ी उन्हें बुलाने उनके आवास पहुंचे।

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कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज लगाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अनहोनी की आशंका पर दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। कमरे में शिल्पी यादव का शव फंदे से लटका मिला।

सुसाइड नोट में लिखा- “मेरी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं”

पुलिस के अनुसार कमरे की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। नोट में महिला मुख्य आरक्षी ने खुद को मानसिक तनाव में बताया है। साथ ही उन्होंने लिखा कि उनकी मौत के लिए न तो उनके सहकर्मी जिम्मेदार हैं और न ही परिवार का कोई सदस्य। उन्होंने अपनी मौत की जिम्मेदारी स्वयं ली है।

एसपी अर्पित विजयवर्गीय (Arpit Vijayvargiya) ने बताया कि शिल्पी यादव का अपने पति से करीब ढाई से तीन वर्ष पहले तलाक हो चुका था। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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तलवारबाजी में यूपी पुलिस के लिए जीते थे कई पदक

इटावा जिले के बसरेहर थाना क्षेत्र के पत्ता का पुरवा गांव निवासी किसान अनिल कुमार यादव की बेटी शिल्पी यादव ने वर्ष 2016 में यूपी पुलिस ज्वाइन की थी। वह खेलों, विशेषकर तलवारबाजी प्रतियोगिताओं में अपनी अलग पहचान रखती थीं। उन्होंने यूपी पुलिस की ओर से कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर पदक भी जीते थे।

बताया जा रहा है कि वर्ष 2015 में उनकी शादी हुई थी, लेकिन बाद में वैवाहिक जीवन में तनाव के चलते तलाक हो गया। इसके बावजूद उन्होंने अपने परिवार और खेल से जुड़ाव बनाए रखा। उन्होंने अपने छोटे भाई ऋषि यादव को भी पुलिस सेवा में आने के लिए प्रेरित किया था। हाल ही में ऋषि यादव की अमेठी में पासिंग आउट परेड हुई थी।

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परिवार सदमे में, हर किसी के मन में एक ही सवाल

घटना की सूचना मिलते ही इटावा से परिवार के लोग बाराबंकी पहुंचे। बेटी की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन इस बात से टूटे हुए हैं कि बहादुर, मेहनती और खेलों में पहचान बनाने वाली शिल्पी आखिर किन परिस्थितियों से गुजर रही थीं।

फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। महिला मुख्य आरक्षी की अचानक मौत ने पुलिस विभाग और खेल जगत दोनों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद 

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Author: Kamran Alvi

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