बाराबंकी के नगर कोतवाली क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी से छेड़छाड़ के बाद शिकायत करने गई मां की पिटाई का मामला सामने आया है।
24 घंटे बीतने के बावजूद पुलिस कार्रवाई न होने से मिशन शक्ति अभियान पर सवाल उठ रहे हैं।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 15 अप्रैल 2026
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति (Mission Shakti) अभियान के दावों के बीच बाराबंकी से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जिसने जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किशोरी से छेड़छाड़ का आरोप, शोर मचाने पर भागे आरोपी
मामला नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नबीगंज (NabiGanj) स्थित नई बस्ती का है। जहां रहने वाली एक महिला के अनुसार, उनकी 16 वर्षीय बेटी के साथ उस समय छेड़छाड़ की गई, जब वह शाम करीब 7 बजे काम से घर लौट रही थी।
आरोप है कि बाबा पंचम दास कुटिया के पास मोहल्ले के ही दो युवकों ने उसका रास्ता रोककर अभद्रता की और हाथ पकड़कर जबरदस्ती करने की कोशिश की। किशोरी के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुट गए, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

शिकायत करने पहुंची मां की बेरहमी से पिटाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता की मां आरोपियों के घर शिकायत करने पहुंचीं।
लेकिन वहां न्याय मिलने के बजाय आरोप है कि आरोपियों के परिजनों ने ही उनके साथ मारपीट कर दी।
इस हमले में महिला को गंभीर चोटें आईं और कई जगह टांके लगाने पड़े।

24 घंटे बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं, उठे सवाल
पीड़िता ने शहर कोतवाली में लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है।
लेकिन घटना के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवाल
जहां एक ओर जनपद के पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली की सराहना की जाती है, वहीं नगर कोतवाली और सिटी चौकी क्षेत्र में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रही हैं।
महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और शिकायत करने पर मारपीट जैसी घटनाओं में भी यदि समय रहते कार्रवाई न हो, तो यह कानून व्यवस्था के लिए चिंताजनक स्थिति है।
मिशन शक्ति की प्रभावशीलता पर भी उठे सवाल
यह घटना सीधे तौर पर मिशन शक्ति (Mission Shakti) जैसे अभियानों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करती है।
जब पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिलता, तो ऐसे अभियानों की जमीनी सच्चाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

अब प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इस मामले में कब तक संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह कागजों तक सीमित रह जाएगा।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद / उस्मान













