Barabanki

Barabanki: फर्जी आरटीओ बनकर दिनदहाड़े ठगी! उत्तर प्रदेश सरकार लिखी बोलेरो सवार जालसाजों ने जेसीबी मालिक से वसूले ₹20,000; कार्रवाई के बदले पीड़ित पर सुलह का दबाव बनाने में जुटी पुलिस

SHARE:

Barabanki:

बाराबंकी में फर्जी आरटीओ बनकर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। यूपी सरकार लिखी बोलेरो गाड़ी से आए जालसाजों ने जेसीबी मशीन सीज करने की धमकी देकर मालिक से 20 हजार रुपये वसूल लिए। पीड़ित का आरोप है कि घटना के 8 दिन बाद भी नगर कोतवाली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और उल्टा समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। ठगी में इस्तेमाल बोलेरो की फोटो और ऑनलाइन भुगतान की रसीद पुलिस को सौंपी गई है। हताश पीड़ित ने अब सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर न्याय की मांग की है।

Barabanki

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश।

बाराबंकी जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में फर्जी आरटीओ बनकर ठगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। भगवा झंडा और उत्तर प्रदेश सरकार लिखी बोलेरो गाड़ी में सवार जालसाजों ने जेसीबी मशीन सीज करने का भय दिखाकर एक जेसीबी मालिक से 20 हज़ार रुपए की अवैध वसूली कर ली। हैरानी की बात यह है कि घटना को आठ दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों पर कार्रवाई करने में नाकाम रही है, बल्कि पीड़ित पर ही समझौते का दबाव बनाए जाने के आरोप लग रहे है।

यह भी पढ़ें  Barabanki News: चंद्रा डेंटल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की बड़ी लापरवाही, मरीज़ ने जान जोख़िम में डालने का लगाया आरोप, नगर कोतवाली में दी तहरीर

जानकारी के अनुसार, जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम गोपालपुर निवासी पंकज यादव पुत्र शिव कैलाश ने बताया कि रविवार 4 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 1 बजे नगर कोतवाली क्षेत्र के पुराना बाईपास, पल्हरी ओवरब्रिज के पास उनकी जेसीबी मशीन संख्या UP 41 AT 9648 को उत्तर प्रदेश सरकार लिखी बोलेरो (UP 32 PT 6334) में सवार चार अज्ञात लोगों ने रोक लिया।

 

जेसीबी सीज करने की धमकी देकर ठगी 

आरोप है कि जालसाजों ने खुद को आरटीओ विभाग का अधिकारी बताते हुए जेसीबी का टैक्स बकाया होने की बात कही और मशीन को सीज करने की धमकी दी। चालक से कहा गया कि “आरटीओ साहब गाड़ी में बैठे हैं, उनसे बात कर लो, कुछ लेनदेन कर जेसीबी छोड़ देंगे।” इसकी सूचना मिलने पर जब जेसीबी मालिक पंकज यादव मौके से पहुंचे तो बोलेरो चला रहे व्यक्ति ने खुद को अखिलेश बताते हुए कहा कि वह आरटीओ साहब का ड्राइवर है और लेनदेन उसी के जरिए होता है।

ऑनलाइन स्कैनर के माध्यम से वसूली

आरोप है कि जेसीबी को सीज न करने के एवज में जालसाजों ने ₹20,000 की मांग की, जिसमें ₹15,000 नकद और ₹5,000 ऑनलाइन स्कैनर के माध्यम से वसूल किए गए। ऑनलाइन भुगतान जिस स्कैनर पर कराया गया, उस पर “सतगुरु फीलिंग स्टेशन, बाराबंकी” का नाम प्रदर्शित हो रहा था। रकम लेने के बाद आरोपियों ने जेसीबी मशीन छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।

यह भी पढ़ें  Barabanki: लखनऊ-गोंडा हाईवे पर अलग अलग सड़क हादसों में एक युवक की मौत, पिकअप चालक समेत तीन गंभीर घायल

 

पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर 

बाद में आसपास के लोगों से जानकारी लेने पर पीड़ित को पता चला कि बोलेरो गाड़ी किसी भी आरटीओ अधिकारी की नहीं और वह ठगी का शिकार हो चुका है। इसके बाद पंकज यादव ने उसी दिन स्थानीय पुलिस चौकी में लिखित तहरीर देकर बोलेरो गाड़ी की तस्वीरें और ऑनलाइन भुगतान की रसीद पुलिस को सौंपी और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।

Barabanki: फर्जी आरटीओ बनकर दिनदहाड़े ठगी! यूपी सरकार लिखी बोलेरो सवार जालसाजों ने जेसीबी मालिक से ऐंठ लिए ₹20 हजार, कार्रवाई के बदले पीड़ित पर सुलह का दबाव बनाने में जुटी पुलिस
फ़ोटो: ऑनलाइन भुगतान की रसीद
पुलिस पर गंभीर आरोप, सीएम योगी से गुहार 

पीड़ित का आरोप है कि आठ दिन बीत जाने के बावजूद न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और न ही सतगुरु फीलिंग स्टेशन के मालिक से पूछताछ की गई, बल्कि पुलिस उल्टा पीड़ित पर ही समझौता करने और मामला रफा-दफा करने का दबाव बना रही है। पुलिस के रवैये से आहत होकर पीड़ित ने अब सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है।

यह भी पढ़ें  Barabanki: चांदी के नकली बिस्किट बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार शातिर ठग गिरफ्तार

यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि किस तरह सरकारी नाम और गाड़ियों का दुरुपयोग कर आम नागरिकों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।

रिपोर्ट – मंसूफ अहमद

संबंधित खबरें
Kamran Alvi
Author: Kamran Alvi

2596
🗳️ जनता की राय | यूपी 2027

2027 में आप किसे उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं?

सबसे ज्यादा पढ़ी गई