Barabanki News: बाराबंकी में यूरिया और डीएपी खाद की किल्लत को लेकर भारतीय किसान मजदूर यूनियन ने डीएम कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा।
कालाबाजारी रोकने, सरकारी समितियों पर खाद उपलब्ध कराने और बंकी नगर की जनसमस्याओं के समाधान की मांग की गई।
4 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 27 जुलाई 2026
बाराबंकी जिले में किसानों को यूरिया और डीएपी खाद की किल्लत को लेकर आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दशहरी) के प्रदेश सचिव एवं बाराबंकी जिलाध्यक्ष निहाल अहमद सिद्दीकी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ कस्बा बंकी की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग की।
संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर किसानों को यूरिया और डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई, तो 4 अगस्त 2026 (सोमवार) से गन्ना संस्थान परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
किसानों को नहीं मिल रही यूरिया और डीएपी, समितियों पर खाली हाथ लौट रहे किसान
ज्ञापन में संगठन ने कहा कि जनपद बाराबंकी की सरकारी सहकारी समितियों पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी खाद उपलब्ध नहीं हो रही है, जिसके कारण किसान एक समिति से दूसरी समिति तक भटकने को मजबूर हैं।
संगठन का आरोप है कि सरकारी समितियों में खाद की कमी का लाभ उठाकर कुछ निजी खाद विक्रेता कथित रूप से कालाबाजारी, जमाखोरी और निर्धारित मूल्य से अधिक दरों पर खाद बेच रहे हैं, जिससे किसानों का आर्थिक शोषण हो रहा है।
निजी खाद विक्रेताओं की जांच और कार्रवाई की मांग
भारतीय किसान मजदूर यूनियन ने प्रशासन से मांग की कि—
- सभी सरकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया और डीएपी उपलब्ध कराई जाए।
- किसानों को निर्धारित सरकारी दर पर खाद मिले।
- निजी खाद दुकानों का औचक निरीक्षण कराया जाए।
- स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर की जांच की जाए।
- कालाबाजारी, जमाखोरी और ओवररेटिंग करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
- खाद वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
बंकी नगर की जनसमस्याएं भी उठाईं
खाद संकट के साथ संगठन ने कस्बा बंकी की कई महत्वपूर्ण जनसमस्याओं को भी प्रशासन के सामने रखा।
गृहकर में भारी वृद्धि पर रोक लगाने की मांग
संगठन ने नगर पंचायत बंकी में गृहकर में कई गुना बढ़ोतरी का विरोध करते हुए इसकी समीक्षा कर जनहित में कमी करने की मांग की।
तालाब की भूमि पर प्लाटिंग का आरोप
ज्ञापन में दावा किया गया कि गाटा संख्या 1832 राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है, लेकिन उसे पाटकर कथित रूप से प्लाटिंग की जा रही है। संगठन ने मामले की जांच कर प्लाटिंग रोकने और भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग की।
सड़क और जलभराव की समस्या
संगठन ने आरोप लगाया कि—
- बंकी रेलवे क्रॉसिंग से मोहम्मदपुर तिराहे तक बनी सड़क पर फुटपाथ ऊंचे और सड़क नीचे होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
- पानी टंकी रोड पर लंबे समय से जलभराव बना हुआ है।
- मोहम्मदपुर तिराहे से मांजपुर तक बनी सड़क की गुणवत्ता खराब है, जिसकी जांच कर मरम्मत कराई जाए।
आबादी के बीच मुर्गा फार्म हटाने की मांग
संगठन ने बड़े मियां रोड स्थित आबादी के बीच संचालित मुर्गा फार्म को लेकर भी चिंता जताई। ज्ञापन में कहा गया कि इससे दुर्गंध, गंदगी और संक्रमण का खतरा बना रहता है। संगठन ने जांच कर मुर्गा फार्म को आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग की।
नालों की सफाई और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा की मांग
ज्ञापन में कस्बा बंकी के नालों की जड़ तक सफाई कराकर जलभराव की समस्या दूर करने की मांग की गई।
इसके अलावा नई पानी की टंकी की चारदीवारी को कथित रूप से क्षतिग्रस्त कर निजी प्लाटिंग के लिए रास्ता दिए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, 4 अगस्त से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान मजदूर यूनियन (दशहरी) ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर खाद संकट और अन्य जनसमस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो 4 अगस्त 2026 से गन्ना संस्थान परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। संगठन ने कहा कि आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ये प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे
ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
- निहाल अहमद सिद्दीकी (प्रदेश सचिव एवं जिलाध्यक्ष)
- रमेश चंद्र वर्मा (प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, एडवोकेट)
- सुशील कुमार यादव
- सिद्धार्थ गौतम (एडवोकेट)
- दिलशाद हुसैन
- शिवम यादव (एडवोकेट)
- सर्वेश कुमार यादव
- तूफान सिंह (एडवोकेट)
- अजय वर्मा
- रोहित (एडवोकेट)
- आकाश रावत
साथ ही बड़ी संख्या में किसान, संगठन के पदाधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद











