Barabanki News: जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसान क्रांति यूनियन कार्यकर्ताओं को बाराबंकी में पुलिस ने रोका।
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई।
संगठन ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 23 जुलाई 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित किसान एवं युवा अधिकार प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसान क्रांति यूनियन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बाराबंकी पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने पर कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। सूचना मिलते ही सदर क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और स्थिति को नियंत्रित किया।
जंतर-मंतर प्रदर्शन के लिए बाराबंकी से दिल्ली रवाना हुए थे सैकड़ों किसान और युवा
किसान क्रांति यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि मिश्रा के निर्देश पर दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाराबंकी जनपद से बड़ी संख्या में किसान और युवा कार्यकर्ता रवाना हुए थे।
इस प्रदर्शन में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ‘बबलू’, जिला अध्यक्ष राधे रमन, मसौली ब्लॉक अध्यक्ष राहुल गुप्ता सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।
संगठन का कहना है कि यह प्रदर्शन किसानों की समस्याओं, युवाओं के हितों तथा जंतर-मंतर पर हुए कथित अत्याचार के विरोध में आयोजित किया गया था।
बाराबंकी पहुंचते ही पुलिस ने की घेराबंदी
दिल्ली के लिए रवाना हुए कार्यकर्ता जैसे ही बाराबंकी पहुंचे, पुलिस ने उनकी घेराबंदी कर आगे बढ़ने से रोक दिया।
अचानक रोके जाने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते पुलिस और किसान क्रांति यूनियन के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस होने लगी। कुछ समय के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी रही।
सीओ सहित भारी पुलिस बल पहुंचा, स्थिति पर पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही सदर क्षेत्र के सीओ सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हुई।
किसान क्रांति यूनियन ने लगाए लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के आरोप
किसान क्रांति यूनियन के नेताओं ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण ढंग से दिल्ली जाकर किसानों और युवाओं की आवाज उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया।
संगठन के नेताओं ने कहा कि—
“हम किसानों के अधिकार, युवाओं के भविष्य और जंतर-मंतर पर हो रहे कथित अत्याचार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन सरकार हमारी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।”
मौके पर ही शुरू हुआ प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने वहीं सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों और युवाओं के मुद्दों को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और यदि जरूरत पड़ी तो बड़े स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे संगठन के पदाधिकारी
प्रदर्शन के दौरान किसान क्रांति यूनियन के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें—
- प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ‘बबलू’
- जिला अध्यक्ष राधे रमन
- मसौली ब्लॉक अध्यक्ष राहुल गुप्ता
- युवा जिला अध्यक्ष सूरज यादव
- ब्लॉक अध्यक्ष आशीष यादव
- देवा ब्लॉक अध्यक्ष संदीप वर्मा
- महिला ब्लॉक अध्यक्ष गुड़िया रावत
- ब्लॉक प्रभारी मोहम्मद शमीम
- रामनगर ब्लॉक अध्यक्ष राजेश यादव
- सिरौली गौसपुर ब्लॉक अध्यक्ष मोहम्मद नईम
- मीडिया प्रभारी रहमान खान
- तहसील अध्यक्ष रामनगर गुलजार हुसैन
- तहसील अध्यक्ष सिरौली गौसपुर मोहम्मद वसीम
सहित सैकड़ों किसान और युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
किसान क्रांति यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो भविष्य में और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
रिपोर्ट – नूर मोहम्मद












