बाराबंकी में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने एमआरपी के नाम पर ग्राहकों से हो रही कथित ठगी के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है।
संगठन ने प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को ज्ञापन सौंपकर वस्तुओं पर उत्पादन लागत अंकित करने और एमआरपी तय करने के लिए सरकारी फार्मूला लागू करने की मांग की है।

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 19 मई 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के नाम पर ग्राहकों से कथित रूप से की जा रही मनमानी वसूली और ठगी के खिलाफ अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने व्यापक जनजागरण अभियान शुरू कर दिया है। संगठन ने केंद्र सरकार से एमआरपी व्यवस्था पर सख्त और प्रभावी नियंत्रण लागू करने की मांग उठाई है।
इसी क्रम में ग्राहक पंचायत के पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना (Suresh Khanna) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और उपभोक्ताओं के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।

‘एमआरपी तय करने का बने सरकारी फार्मूला’
ग्राहक पंचायत का कहना है कि वर्तमान समय में कंपनियां मनमाने तरीके से वस्तुओं पर एमआरपी अंकित कर रही हैं, जिससे ग्राहकों को वास्तविक कीमत से कहीं अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।
संगठन ने मांग की है कि सरकार एक स्पष्ट और पारदर्शी फार्मूला तय करे, जिसके आधार पर वस्तुओं पर एमआरपी निर्धारित की जाए। साथ ही हर उत्पाद पर उसकी कुल उत्पादन लागत भी अनिवार्य रूप से अंकित की जाए, ताकि उपभोक्ता वास्तविक कीमत की जानकारी प्राप्त कर सकें।

ग्राहकों को जागरूक करने के लिए चलाया जा रहा अभियान
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत द्वारा एमआरपी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए व्यापक जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है।
संगठन का कहना है कि आम उपभोक्ता को यह जानने का अधिकार है कि जिस वस्तु को वह खरीद रहा है उसकी वास्तविक लागत क्या है और उस पर कितना मुनाफा जोड़ा गया है।
वित्त मंत्री को सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में अवध प्रांत के संगठन मंत्री डॉ. आर.पी. सिंह बिसेन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओंकार पांडे, सचिव आशुतोष मिश्रा, मीडिया प्रभारी विश्वनाथ मिश्र और कार्यकारिणी सदस्य मीना माहेश्वरी शामिल रहीं।
प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से मांग की कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एमआरपी व्यवस्था में सुधार किया जाए और बाजार में मनमानी कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं।

उपभोक्ता हितों को लेकर तेज हो सकती है बहस
एमआरपी और उपभोक्ता अधिकारों को लेकर उठी यह मांग आने वाले समय में बड़ा मुद्दा बन सकती है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच उपभोक्ताओं से अधिक कीमत वसूलने के आरोपों ने बाजार व्यवस्था और मूल्य नियंत्रण प्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना यह होगा कि सरकार ग्राहक पंचायत की मांगों पर कितना गंभीर रुख अपनाती है और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
रिपोर्ट – मंसूफ अहमद













